डोर स्टेप डिलीवरी के बाद अब इन 4 योजनाओं पर होगा केजरीवाल का जोर

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मुख्यमंत्री को ही दिल्ली का असली बॉस बताया था. कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कर दिया कि उपराज्यपाल दिल्ली में फैसला लेने के लिए स्वतंत्र नहीं हैं, एलजी को कैबिनेट की सलाह के अनुसार ही काम करना होगा. कोर्ट के इस फैसले के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक्शन में आ गए हैं.

शुक्रवार को सीएम केजरीवाल ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को राशन की होम डिलीवरी संबंधित योजना को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मंजूरी दे दी. साथ ही इसे तुरंत प्रभाव से लागू करने का आदेश भी जारी कर दिया.

कोर्ट के फैसले के बाद अब ऐसा माना जा रहा है कि केजरीवाल सरकार की कई योजनाएं रफ्तार पकड़ सकती हैं. बता दें कि सरकार लंबे समय से इन योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के प्रयास में जुटी है और एलजी की मंजूरी न मिलने के चलते देरी का आरोप लगाती रही है. इन योजनाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाना, घर-घर राशन, फ्री वाई-फाई और मोहल्ला क्लीनिक जैसे सरकार के बड़े प्रोग्राम शामिल हैं.

सरकार का लक्ष्य इस योजना के तहत लोगों के घरों तक राशन पहुंचाने का है. इस योजना के तहत अगस्त के अंत तक ये सेवा लोगों को उपलब्ध करानी है. इसके लिए केजरीवाल सरकार ने एक निजी कंपनी को 3 साल का ठेका दिया है.

सीसीटीवी योजना

दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने स्कूलों में 146800 सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनाई है. इसके लिए 597 करोड़ रुपए खर्च होंगे. स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे की योजना के तहत करीब 700 भवनों पर 1,44,414 बुलेट और 2386 पीटीजेड कैमरा लगाए जाएंगे. सरकार ने इस योजना को पूरा करने के लिए 31 मार्च 2019 तक का लक्ष्य रखा है. इस योजना के लागू करने के लिए गृह विभाग की हाईपावर समिति ने एक रिपोर्ट तैयार कर उपराज्यपाल को सौंपी है.

फ्री वाईफाई योजना

सरकार ने पूरे दिल्ली में 500 जगहों पर फ्री वाई-फाई देने का वादा किया था. सरकार तीन साल से इसका प्रयास कर रही है और 2019 तक यह सुविधा लागू देने का फैसला लिया गया है. इस योजना को लागू करने के लिए दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग ने टेंडर प्रारूप तैयार कर लिया है. इसके लिए सितंबर तक टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा. ये सुविधा जनता को मार्च 2019 से मिलेगी.

तीर्थ यात्रा योजना

दिल्ली सरकार ने 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए ये योजना तैयार की थी. सरकार की इस योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है. इसके लिए 53 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया था. इसके तहत हर साल करीब 77 हजार लोगों को लाभ देना था. इस योजना को दिल्ली सरकार ने एलजी को मंजूरी के लिए भेजा था. अब तक इसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. इस फाइल को एलजी के पास से कानून विभाग के पास भेजा गया था. अब तक इस योजना पर कोई फैसला नहीं हुआ है.

मोहल्ला क्लीनिक

मोहल्ला क्लीनिक दिल्ली सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में एक है, जिससे उसे काफी लोकप्रियता भी मिली है. 2015 में सरकार आने के बाद से ही हर बजट में मोहल्ला क्लीनिक के लिए बजट आवंटित किया जाता है, लेकिन बजट में निर्धारित संख्या के अनुरूप मोहल्ला क्लीनिक बनाए नहीं जा सके हैं.

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सरकार की योजना 1000 मोहल्ला क्लीनिक देने की थी. लेकिन मार्च 2018 तक पूरे दिल्ली में सिर्फ 164 क्लीनिक ही तैयार हो पाए हैं. नए क्लीनिक के लिए 530 जगह चिन्हित हो चुकी हैं और नए स्थल तलाशे जा रहे हैं.

ऐसे में अब माना जा रहा है कि दिल्लीवासियों के लिए लाभकारी माने जाने वाली इस बड़ी योजना को केजरीवाल सरकार अमलीजामा पहना पाएगी. साथ ही घर-घर राशन पहुंचाने के साथ सीसीटीवी लगाने जैसे बड़े वादे पूरे कर पाने में भी उसके सामने कोई बाधा नहीं रहेगी.

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