निर्भया के माता-पिता बोले, ‘देर से सही लेकिन बेटी को न्याय मिला’

नई दिल्ली। चार साल से ज्यादा वक्त तक इंसाफ की लड़ाई लड़ी। अपनी बेटी के आखिरी शब्द, आखिरी सांसें और आखिरी आंसू देखने वाले माता-पिता ने जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुना तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। इस सुकून में दोनों तालियां बजाने लगे कि आज शायद उनकी बेटी ऊपर सुकून से सो सकेगी। सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया के चारों आरोपियों को फांसी की सजा बरकरार रखी है।

रो पड़े माता-पिता

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद निर्भया के माता-पिता बेहद संतुष्ट हैं। दोनों ने कहा कि ये फैसला भले देर से आया लेकिन न्याय मिला और उन्हें इसका कोई गिला नहीं है। निर्भया की मां कहती हैं कि इंसाफ के घर देर हैं लेकिन अंधेर नहीं। निर्भया की मां ने सबको धन्यवाद देते हुए कहा कि जो भी फैसला आया है, सबके लिए आया है। पिता कहते हैं कि देर लगी लेकिन हमें कोई गिला नहीं क्योंकि न्याय मिला है।

सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा बरकरार रखी

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में दिसंबर 2012 में घटी सामूहिक दुष्कर्म की घटना के सभी चार दोषियों की फांसी की सजा शुक्रवार को बरकरार रखी।

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