2018 की दूसरी तिमाही में सोने का आयात 8 फीसद घटकर 187 टन पर पहुंचा

नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। भारत में सोने की मांग अप्रैल-जून की अवधि के दौरान 8 फीसद घटकर 187.2 टन पर आ गई है, जो पिछले साल की दूसरी तिमाही की तुलना में ज्यादा है। यह जानकारी वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की एक रिपोर्ट में सामने आई है।

साल 2018 की दूसरी तिमाही की रिपोर्ट जारी करते हुए डब्ल्यूजीसी ने बताया कि सोने की मांग 2017 की दूसरी तिमाही में 202.6 टन थी। मूल्य के तौर पर देखा जाए तो 2018 की दूसरी तिमाही में सोने की मांग 52,692 करोड़ रुपये पर आ गई, जो 2017 की दूसरी तिमाही में 52,750 करोड़ रुपये थी।

इस साल की दूसरी तिमाही में कुल आभूषण की मांग 8 फीसद घटकर 147.9 टन रही जो पिछले साल की समान अवधि में 161 टन थी। मूल्यों में इनकी गणना करें तो यह एक फीसद घटकर 41,631 करोड़ रुपये हो गई जो पिछले साल की समान अवधी में 41,925 करोड़ रुपये रही।

कुल निवेश की मांग 5 फीसद घटकर 39.3 टन पर आ गई जो 2017 में इसी अवधि में 41.6 टन थी। मूल्यों के लिहाज से सोने में निवेश की मांग 2 फीसद बढ़कर 11,061 करोड़ रही जो पिछले साल की समान अवधि में 10,825 करोड़ रुपये थी।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्लूजीसी) इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर सोमासुन्दरम के मुताबिक, ‘2017 की दूसरी तिमाही की तुलना में 2018 की दूसरी तिमाही में भारत में सोने की मांग 8 फीसद घट गई है’ जबकि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के रोल आउट होने के पहले ही ग्राहक खरीददारी करने पहुंचे गए थे।

उन्होंने कहा, ‘इस तिमाही की शुरुआत में शादी विवाह का सीजन और अक्षय तृतीया होने से मांग में वृद्धि हुई थी लेकिन, ‘अधिक मास’ के आने से इसकी मांग घट गई।’ उन्होंने कहा, इस साल की पहली तिमाही में भी मांग में कमी आई थी। लेकिन, इसके बावजूद संगठित व्यापार और डिजिटल उत्पादों के विकास में सकारात्मक प्रभाव दिख रहे हैं।

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