OPEC के इस कदम से कच्चे तेल में उछाल, पेट्रोल-डीजल हो सकते हैं महंगे

तेल उत्पादक देशों के समूह ओपेक की ओर से कच्चे तेल की सप्लाई में कटौती करने की उम्मीदों से मंगलवार को तेल के दाम में वापस तेजी आ गई. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में एक फीसदी से ज्यादा की तेजी आई जबकि घरेलू वायदा बाजार में कच्चे तेल के दाम में डेढ़ फीसदी से ज्यादा का उछाल आया.

जानकार बताते हैं कि OPEC अगर कच्चे तेल की आपूर्ति में कटौती करता है तो आने वाले दिनों में दाम में फिर तेजी का रुख बना रहेगा जिससे भारत में पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल और डीजल के दाम में उपभोक्ताओं को जो राहत मिल रही थी, उस पर ब्रेक लग जाएगा.

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर रात 9.29 बजे कच्चे तेल के फरवरी अनुबंध में पिछले सत्र के मुकाबले 63 रुपये यानी 1.67 फीसदी की तेजी के साथ 3,846 रुपये प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था जबकि आरंभिक सत्र के दौरान कच्चे तेल का भाव 3,763 रुपये प्रति बैरल तक लुढ़का था.

वहीं, इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड के अप्रैल अनुबंध में पिछले सत्र के मुकाबले 0.67 फीसदी की तेजी के साथ 58.97 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था जबकि कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड का भाव 59.34 डॉलर प्रति बैरल तक उछला.

वहीं, न्यूयॉर्क मर्के टाइल एक्सचेंज (नायमैक्स) पर अमेरिकी लाइट क्रूड वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) के मार्च अनुबंध में पिछले सत्र के मुकाबले 0.72 फीसदी की तेजी के साथ 53.52 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था, जबकि कारोबार के दौरान डब्ल्यूटीआई का भाव 53.91 डॉलर प्रति बैरल तक उछला.

कमोडिटी बाजार विशेषज्ञों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम को थामने के मद्देनजर ओपेक कच्चे तेल की आपूर्ति में कटौती करने पर विचार कर रहा है. यही कारण है कि कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण तेल की मांग में नरमी के मद्देनजर जो दाम पर दबाव देखा जा रहा था, वह कम हो गया है.

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