Special: कर्नाटक जैसा पेंच फंसा तो क्या छत्तीसगढ़ में किंग मेकर बन सकते हैं जोगी

रायपुर। कर्नाटक के नतीजों का फर्क छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव पर कितना पड़ेगा ये कहना अभी मुश्किल है। लेकिन प्रदेश के राजनीतिक समीकरण और दलों की स्थिति देखते हुए ये जरूर कहा जा सकता है कि कहीं ऐसे ही हालात यहां भी न बनें। ऐसे में कहीं बीजेपी और कांग्रेस को ‘जोगी जी वाह’ कहना न पड़ जाए।

कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों के नतीजों ने सबको चौंका दिया है। सूबे के लोगों ने बहुमत किसी को नहीं दिया लेकिन बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी। कांग्रेस ने 78 सीटों पर जीत हासिल की और आश्चर्यजनक तौर पर जनता दल (सेक्युलर) को अपने समर्थन की घोषणा की। राज्य विधानसभा चुनावों में जेडीएस 37 सीटों के साथ तीसरे नंबर की पार्टी बनी है।

इस बार छत्तीसगढ़ में जोगी ठोक रहे हैं ताल
इस पूरे खेल में देखें तो राजा कौन बनेगा इसका फैसला जेडीएस को करना था। जेडीएस ने कांग्रेस का निमंत्रण स्वीकार कर सरकार किसकी होगी, सीएम कौन होगा इसपर पेंच फंसा हुआ है। बात छत्तीसगढ़ की करें तो 90 विधानसभा क्षेत्र वाले इस प्रदेश में अभी तक चुनाव में मुख्य तौर पर दो दलों ने ही हिस्सा लिया, बीजेपी और कांग्रेस। इस बार मैदान में तीसरा पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) है।

जोगी ने दिया था बयान
कर्नाटक का हाल देखते ही अमित जोगी ने ट्वीट किया था कि बीजेपी को रोकने में क्षेत्रीय दल ही सक्षम हैं। ये बयान अजीत जोगी पहले भी दे चुके हैं। जोगी कांग्रेस ने कांग्रेस को मैच में मानने से भी इनकार किया था और कहा था कि विधानसभा चुनाव में मुकाबला बीजेपी और जनता कांग्रेस के बीच होगा।

स्वीकार सकते हैं न्योता
कांग्रेस की तरफ से समर्थन के न्योते पर जोगी ने कहा भी था कि जब आएगा तब देखेंगे। इस बयान से मतलब साफ है कि मनाही किसी भी चीज की नहीं है।

कांग्रेस जोगी को कहती है बीजेपी की ‘बी’ टीम
कांग्रेस अजीत जोगी पर हमेशा से बीजेपी का साथ देने का आरोप लगाती रहती है। झीरम घाटी हमला हो या कई बार ऐस वाक्ये हुए हैं जब कांग्रेस ने जोगी पर रमन सिंह का साथ देने का आरोप लगाया है।

अब जान लेते हैं स्थिति
छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा सीटें हैं। 49 पर बीजेपी तो 39 पर कांग्रेस है। 2 सीटें अन्य के पास हैं। संभाग की बात करें तो बस्तर ही प्रदेश का राजा चुनता है ये कहना गलत नहीं होगा। 2013 के विधानसभा चुनाव में बस्तर ने अपना प्यार कांग्रेस पर लुटाया। बस्तर की 12 में से 8 सीटें कांग्रेस के पास हैं। लेकिन इस बार ऊंट किस करवट बैठेगा कहा नहीं जा सकता।

जोगी का आदिवासी कार्ड
आदिवासी बहुल इस राज्य में अजीत जोगी आदिवासी कार्ड जरूर चलेंगे। उनकी सभाओं की भीड़ भी ये कहती है कि आदिवासियों को लुभाने और वाककला में जोगी से माहिर न तो रमन सिंह हैं और न ही कांग्रेस के पास कोई नेता। जोगी चुनाव जीते या न जीतें पर वो इतनी सीटें तो लाएंगे ही कि जितने में बीजेपी और कांग्रेस का खेल बिगड़ जाए। ऐसे में अगर पेंच फंसा तो जोगी ‘किंग मेकर’ बनेंगे ये कहना गलत नहीं होगा।

कुल मिलाकर कर्नाटक का ‘नाटक’, छत्तीसगढ़ में भी ‘नाचा’ करने पहुंच सकता है

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