क्या है बॉल टैम्‍परिंग मामला, जिसके कारण खतरे में है स्‍टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर का करियर…

यह 1977 की बात है, जब इंग्लैंड ने पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने के लिए भारत का दौरा किया था. दोनों टीमों के बीच पहला टेस्ट मैच दिल्ली में खेला गया. इस मैच में इंग्लैंड के लिए डेब्यू करने वाले जॉन लीवर ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए कुल 10 विकेट लिए थे. टीम इंडिया इस मैच को एक पारी और 25 रन से हारी थी. लीवर पूरी सीरीज में पांच मैच खेलते हुए 26 विकेट में लेने में कामयाब हुए थे लेकिन चेन्नई में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में उन पर बॉल टैम्‍परिंग का आरोप लगा था. अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में यह पहली बार हुआ था जब किसी खिलाड़ी पर बॉल टैम्‍परिंग का आरोप लगाया गया था. फील्ड में मौजूद अंपायर का कहना था कि स्विंग के लिए लीवर ने गेंद में वैसलीन का इस्तेमाल किया था. सवाल यह उठता है कि मैदान के अंदर वैसलीन कहां से आया. दरअसल, पसीने से बचने के लिए लीवर ने अपने माथे पर पट्टी पहनी हुई थी और इसी में वैसलीन लगाया गया था. हालांकि लीवर ने इस मामले में अपनी सफाई में कहा था कि उन्‍होंने यह सब जानबूझकर नहीं किया. इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने भी लीवर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी. आईसीसी ने भी लीवर के ऊपर कोई फाइन नहीं लगाया था.

कई खिलाड़ियों पर लग चुके हैं बॉल टैम्‍परिंग के आरोप
अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में बॉल टैम्‍परिंग का मामला कोई नया नहीं है. पहले भी कई बड़े खिलाडियों पर इसका आरोप लग चुका है. भारत के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के ऊपर भी बॉल टैम्परिंग का आरोप लगा था और आईसीसी ने उन्हें एक मैच के लिए ससपेंड भी किया था लेकिन बीसीसीआई और टीम के इंडिया के खिलाड़ियों के विरोध के बाद उन्हें इस आरोप से बरी कर दिया गया था. राहुल द्रविड़ पर भी बॉल टैम्‍परिंग का आरोप लगा है जिसके लिए उनको फीस की 50 प्रतिशत राशि गंवानी पड़ी थी. पाकिस्तान के तेज गेंदबाज वक़ार यूनुस , इंग्लैंड के माइक एथरटन, न्यूज़ीलैंड के क्रिस प्रिंगल पर भी ऐसे आरोप लग चुके हैं. वक़ार यूनुस ऐसे पहले अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी थे जिन्‍हें बॉल टैम्‍परिंग के वजह से एक मैच के लिए सस्‍पेंड किया गया था. यह घटना सन 2000 में हुई थी. पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी भी बॉल टेंपरिंग के वजह से दो टी 20 मैच के लिए सस्‍पेंड हो चुके हैं. 2010 में अफ़रीदी के खिलाफ तब यह कार्रवाई की गयी थी जब वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे मैच में कई बार अपने दांतों से गेंद को काटते हुए कैमरे पर पकड़े गए थे.

क्या है बॉल टैम्‍परिंग और क्‍या कहते हैं ICC के नियम
अच्छी स्विंग (रिवर्स स्विंग) के लिए कई बार मैदान में मौजूद खिलाड़ी गेंद के छेड़छाड़ करते हैं जो आईसीसी नियम के खिलाफ है. आईसीसी के नियम 42.3 के तहत बॉल टैम्‍परिंग को गलत माना गया है और कड़ी कार्रवाई की प्रावधान भी है. अगर अंपायरों को लगता है कि गेंद के साथ छेड़छाड़ हुई है तो वे इस के लिए ज़िम्मेदार खिलाड़ी पर कार्रवाई करते हैं. सबसे पहले कप्तान को इस के बारे में बताया जाता है. जरूरत पड़ने पर नियम के तहत बल्लेबाजी करने वाली टीम को पांच पेनल्टी रन भी दिए जाते हैं. दोषी पाए जाने वाले खिलाड़ी के मैच फीस में कटौती के साथ बैन भी लगाया जाता है. अगर अंपायर को लगता है कि गेंद के साथ छेड़छाड़ हुई है लेकिन यह पता नहीं चल पा रहा है कि यह किसने की है तो सबसे पहले कप्तान को इस बारे में बताया जाता है और वार्निंग दी जाती है कि आगे ऐसा न हो. अगर आगे भी ऐसा होता है तो कप्तान के खिलाफ भी कार्रवाई होती है.

क्या ऑस्ट्रेलियाई प्‍लेयर्स पर होगी कड़ी कार्रवाई?
केपटाउन में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीसरे टेस्ट मैच के दौरान बॉल टैम्‍परिंग का मामला सामने आया है. मैदान में लगे बड़े परदे पर ऑस्ट्रेलिया के कैमरन बैनक्रॉफ्ट अपनी पतलून में छोटी सी पीली चीज रखते हुए देखे गए. जब मैदान में मौजूद अंपायर ने इस के बारे में बैनक्रॉफ्ट से पूछा तो वह अपने पॉकेट से चश्मा साफ़ करने वाला कपड़ा दिखाया. हालांकि बाद में बैनक्रॉफ्ट ने माना कि उन्‍होंने गेंद की चमक खराब करने के लिए पीले रंग के टेप का इस्‍तेमाल किया था. कप्तान स्टीव स्मिथ ने भी माना कि ऑस्ट्रेलियाई लीडरशिप को इसके बारे में पता था यानी कप्तान स्मिथ और उपकप्तान डेविड वॉर्नर इस बारे जानते थे और प्लानिंग में शामिल थे.

RO-11436/55

11359/79

11363/40

Recommended For You

About the Author: india vani