IPL 2018: कावेरी विवाद का असर, चेन्नई की जगह पुणे में होंगे बाकी मैच

नई दिल्ली: कावेरी जल विवाद की आंच अब आईपीएल मैचों पर पड़ने लगी है इसे लेकर तमिलनाडु में तनाव का माहौल है। तमिलनाडु सरकार द्वारा हाथ खड़े किए जाने के बाद बीसीसीआई को बाध्य होकर चेन्नई में होने वाले सभी मैचों की जगह में बदलाव कर दिया है। चेन्नई में आयोजित होने वाले सभी मैचों को अब पुणे में कराया जाएगा। कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन को लेकर तमिलनाडु में राजनीतिक दलों का विरोध प्रदर्शन जारी है जिसके बाद चेन्नई पुलिस ने आईपीएल को सुरक्षा मुहैया कराने से इंकार कर दिया है। बता दें कि आईपीएल के सात मैचों का आयोजन 10 अप्रैल से 20 मई के बीच यहां होना है,10 अप्रैल वाला मैच चेपॉक स्टेडियम में कड़ी सुरक्षा के बीच खेला जा चुका है।मंगलवार को चेपॉक के मैदान पर दो साल बाद आईपीएल का मैच खेला गया था, चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबले के दौरान भी विरोध प्रदर्शन हुआ। इस सीजन में एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में कुल सात मैच होने थे, जिनमें से अभी सिर्फ एक ही मैच हुआ था। IPL कमिश्नर राजीव शुक्ला ने सुरक्षा बढ़ाने को लेकर केंद्रीय गृह सचिव से भी बात की और चेन्नई में IPL मैचों की सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ की टुकड़ियां भेजने का प्रस्ताव रखा लेकिन इसमें कुछ खास प्रगति नहीं हुई जिसके बाद बीसीसीआई के सामने चेन्नई के मैचों का वेन्यू बदलने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा।10 अप्रैल के मैच के दौरान मैदान पर प्रदर्शनकारियों ने जूते फेंके थे
गौरतलब है कि आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मैच के दौरान मैदान पर प्रदर्शनकारियों द्वारा जूते फेंके गए थे। कुछ युवा प्रदर्शनकारी स्टेडियम के अंदर घुस गए थे और उन्होंने मैदान पर एक जोड़ी जूते फेंक दिए, यह मामला कोलकाता की पारी के आठवें ओवर में हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक यह जूते सीमारेखा के पास तैनात चेन्नई के फील्डर रवींद्र जडेजा को निशाना बनाकर फेंके गए। यह जूते पट्टाबिरामन गेट की ओर से फेंके गए थे इसके बाद एक-दो जूते और फेंके गए जिसमें से एक जूता साउथ अफ्रीकी कप्तान फाफ डु प्लेसी को जाकर लगा जिससे वह काफी नाराज भी दिखे।

उल्लेखनीय है कि कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर राजनीतिक पार्टियां, तमिल समर्थक संगठन, स्वयंसेवी संगठन और छात्र समूह गत एक अप्रैल से प्रदर्शन कर रहे है। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने कावेरी नदी के जल के बंटवारे में तमिलनाडु के हिस्से का पानी घटा दिया और कर्नाटक का हिस्सा बढ़ा दिया था इसके अलावा कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड का अभी गठन नहीं हुआ।

इन बातों को लेकर तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शन जारी है कुछ तत्वों ने कावेरी प्रबंधन बोर्ड (सीएमबी) और कावेरी जल नियामक समिति (सीडब्ल्यूआरसी) का गठन नहीं करने के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हेतु आईपीएल के मैचों के आयोजन के खिलाफ आंदोलन करने की धमकी दी है।

बीते दिनों अभिनेता रजनीकांत ने भी कहा है कि चेन्नई में मैच खेलना शर्मनाक है, क्योंकि तमिलनाडु के लोग कावेरी जल विवाद से सुलग रहे है और यहां मैच होने वाला है. वहीं अभिनेता रजनीकांत ने यह भी कहा था, कि ‘अगर यहां मैच होता भी है, तो चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाड़ियों को अपने-अपने हाथों पर काले रंग की पट्टी बांधना होगा, जिससे यह मुद्दा और आगे बढ़े और कावेरी जल विवाद खत्म हो।’आपको बता दें कि कावेरी नदी जिसका उद्गम स्थल कर्नाटक राज्य का कोडागु जिला है और यह लगभग साढ़े साथ सौ किलोमीटर लंबी है। लेकिन अभी विवाद यह है कि कम बारिश के कारण यहां इस नदी में पानी की मात्रा कम है इस कारण कर्नाटक ने तमिलनाडु को पानी देने से मना कर दिया है, जिसके कारण यह पिछले काफी सालों से विवाद चल रहा है।

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