टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारत की सबसे बड़ी जीत, न्यूजीलैंड को विशाल अंतर से हराया

नई दिल्ली। बिता साल बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के लिए काफी दुखद रहा था। साल 2020 में इस इंटस्ट्री ने अपने कई दिग्गज सितारों को हमेशा के लिए खो दिया था। उनमें से एक दिग्गज अभिनेता इरफान खान भी थे। इरफान खान फिल्मों में अपने अलग और शानदार अभिनय के लिए जाने जाते थे। इरफान खान का इंतकाल पिछले साल 29 अप्रैल को हो गया था।

इरफान खान कैंसर जैसी खतरनाक बिमारी से ग्रस्त थे। अब अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने खुलासा किया है कि इरफान खान को अपनी मौते के बारे में दो साल पहले ही पता चल गया था। नसीरुद्दीन शाह और इरफान खान ने मकबूल और 7 खून माफ जैसी फिल्मों में साथ काम किया है। दोनों एक-दूसरे के काफी करीब भी थे। नसीरुद्दीन शाह ने हाल ही में अंग्रेजी वेबसाइट इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत की।

इस दौरान उन्होंने दोस्त इरफान खान की मौत को लेकर भी ढेर सारी बातें कीं। नसीरुद्दीन शाह ने कहा, ‘यह अनोखी बात थी क्योंकि इरफान करीब दो साल से जानते थे कि ऐसा होने वाला है। मैंने उनसे कई बार फोन पर बात की, तब भी जब वह लंदन के अस्पताल में थे। यह आश्चर्यजनक था और यह एक वास्तविक सबक था कि उसने इससे कैसे निपटा। इस पर आपका कोई नियंत्रण नहीं है। मुझे नहीं लगता कि मौत के बारे में जुनूनी होना अच्छी बात है। मैं निश्चित रूप से ऐसा नहीं करता।’

आइसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के तहत खेली गई भारत बनाम न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज का परिणाम सामने आ गया है। पहला मैच कानपुर में ड्रा होने के बाद दोनों देशों के बीच सीरीज के लिए लड़ाई मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में हुई, जिसे मेजबान भारत ने जीता। भारत ने दूसरा टेस्ट मैच विशाल अंतर से जीता और सीरीज भी अपने नाम की। न्यूजीलैंड को इस मैच में 372 रनों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा, जबकि भारत ने सीरीज 1-0 से अपने नाम की है। रनों के लिहाज से टेस्ट क्रिकेट में ये भारत की सबसे बड़ी जीत है।

विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने 6 दिसंबर को इतिहास रचा है। भारत ने 372 रनों से मुंबई टेस्ट मैच को जीता है और ये भारत की टेस्ट क्रिकेट में रनों का बचाव करते हुए सबसे बड़ी जीत है। भारत ने इससे पहले साउथ अफ्रीका को 337 रनों के अंतर से साल 2015 में हराया था। इस तरह विराट कोहली ने अपना ही रिकार्ड तोड़ा है। इसके अलावा भारत ने 2016 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 321 रन से जीत दर्ज की थी। हालांकि, अब इस रिकार्ड को भारतीय टीम ने विराट कोहली की कप्तानी में और भी ज्यादा मजबूत करने का काम किया है।

2021 में भारत की सातवीं जीत

भारत ने 2021 में अपना सातवां टेस्ट मैच जीता है। भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ मुंबई टेस्ट मैच जीतने से पहले इंग्लैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैच जीते थे और इससे पहले तीन मैचों में भारत ने अपनी मेजबानी में इंग्लैंड को हराया था। इसके अलावा आस्ट्रेलिया दौरे पर भी भारतीय टीम ने एक टेस्ट मैच जीता था। इस तरह भारत ने इस साल सबसे ज्यादा सात टेस्ट मैच जीते हैं। वहीं, पाकिस्तान की टीम 6 टेस्ट मैच इस साल जीत पाई है। इंग्लैंड की टीम ने चार टेस्ट मैच इस साल अब तक जीते हैं।

लगातार 14वीं टेस्ट सीरीज जीती

भारतीय टीम ने अपनी सरजमीं पर लगातार 14वीं टेस्ट सीरीज में जीत हासिल की है और अपने आप में ये विश्व रिकार्ड है, क्योंकि भारत के अलावा लगातार सबसे ज्यादा टेस्ट सीरीज जीतने वाली टीम आस्ट्रेलिया है, लेकिन आस्ट्रेलिया की टीम भारत से अब काफी पीछे है। कंगारू टीम ने दो बार 10-10 टेस्ट सीरीज अपनी सरजमीं पर लगातार जीती हैं, लेकिन भारतीय टीम ने आस्ट्रेलिया के इस रिकार्ड को काफी समय पहले धराशायी कर दिया था। इनमें से ज्यादातर सीरीज भारत ने विराट कोहली की कप्तानी में जीती हैं।

न्यूजीलैंड की सबसे बड़ी हार

रनों के लिहाज से देखा जाए तो न्यूजीलैंड के टेस्ट क्रिकेट इतिहास की ये सबसे बड़ी हार है। भारत के खिलाफ 372 रनों के विशाल अंतर से हारने से पहले 2007 में न्यूजीलैंड की टीम को साउथ अफ्रीका के खिलाफ 358 रनों से हार झेलनी पड़ी थी। इसके अलावा 2016 के दौरे पर न्यूजीलैंड को भारत के खिलाफ इंदौर के मैदान पर 321 रनों से मात झेलनी पड़ी थी। इसके अलावा पाकिस्तान ने आकलैंड में न्यूजीलैंड को 2001 में 299 रनों के अंतर से हराया था।

नसीरुद्दीन शाह ने आगे कहा, ‘मैंने अपने करीबी लोगों की कई मौतों का अनुभव किया है। मेरा परिवार, मेरे माता-पिता। इसके अलावा, कुछ प्यारे दोस्तों, खास तौर पर ओम पुरी का निधन। जिस तरह से फारूक शेख का निधन हुआ भयानक झटके थे। लेकिन उस पर मोह करना ठीक नहीं है। मुझे लगता है कि मृत्यु जीवन का सबसे महत्वहीन हिस्सा है और विडंबना यह है कि सबसे बड़ा सच भी है।’

अपनी बात को खत्म करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने आगे कहा, ‘मैं इस पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देता। जब मुझे जाना होगा मैं जाऊंगा। जब तक मैं आसपास हूं, मैं यथासंभव सतर्क और जिंदा रहना चाहता हूं। मैं नहीं चाहूंगा कि मेरे जाने पर मेरे दोस्त मेरे बारे में दुख जताएं, बल्कि जश्न मनाएं और हंसें और उन चीजों के बारे में बात करें जो मैंने कीं। मैं चाहूंगा कि वह मुझे उस जीवन के लिए याद रखें जो मैंने जिया है, बजाय इसके कि मैं कैसे मरा, इस बारे में बात करें।’

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