मृतक की पहचान के लिए मर्चुरी में बुलवाई बायोमैट्रिक मशीन, अपनी तरह का पहला मामला

भोपाल। बैरसिया स्थित कोर्ट परिसर में सोमवार की सुबह एक व्यक्ति की अटैक आने से मौत हो गई। मृतक के सामान की तलाशी लेने के बाद भी उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। तीन घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने आधार लिंक करने वाली मशीन बैरसिया अस्पताल की मर्चुरी में बुलवाई। मशीन में मृतक का अंगूठा लगाते ही मृतक की सारी जानकारी सामने आ गई। उसके बेटे ने शव की पहचान कर ली है। इस तरह का यह भोपाल का पहला मामला है। जिसमें इस प्रकार से आधार मशीन का उपयोग कर मृतक की पहचान की गई है।

हम बता दें कि सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे एक व्यक्ति कोर्ट परिसर पहुंचा था। अचानक ही वह खड़े-खड़े गिर पड़ा। उसके गिरते लोगों ने डॉक्टरों को बुलाया तो उन्होंने उसे चेक करने के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतक की उम्र करीब 45 से 50 वर्ष दुबला-पतला, रंग गेहुआं, बाल खिचड़ी, चेहरा गोल, नाक नुकीली, पहनावा काले रंग की बनियान, काले रंग का पेंट, व गुलाबी रंग की फुल आस्तीन वाली शर्ट, कमर में बेल्ट बंधा हुआ था। दाहिने हाथ पर अस्पष्ट नाम लिखा था तथा बाएं हाथ की बीच वाली उंगली कटी हुई थी। तलाशी लेने पर जेब से एक डायरी मिली, जिस पर हलवाइयों के नंबर लिखे हुए थे। काफी मशक्कत करने के बाद उनके शव को बैरसिया अस्पताल की मर्चुरी में रखवाकर उनकी पहचान की कोशिश कर रही थी।

टीआई ने लगाया तरकीब और आधार लिंक मशीन बुलवाई

थाना प्रभारी एचसी लाड़िया ने बताया कि डायरी में मिले सारे नंबरों पर संपर्क किया गया, लेकिन पहचान करने में काफी मुश्किल आ रही थी। सोशल मीडिया पर भी उसकी फोटो वायरल की गई, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो पाई ।शाम करीब पांच बजे आधार लिंक करने वाली मशीन लेकर मर्चुरी पहुंचे। यहां मशीन पर अंगूठा लगाते ही मृतक के बारे में जानकारी मिल गई। उसका नाम महेश पिता बलवीर सिंह बेड़िया (45) निवासी ग्राम बेलई थाना नटेरन जिला विदिशा आया था। पुलिस ने घर वालों से संपर्क कर बेटे शिवा (18) को बुलाया तो उसने शव की पहचान अपने पिता के रूप में की। मंगलवार को पीएम के बाद लाश परिजन को सौंप दी जाएगी।

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