28 छात्राओं को दो विषयों में मिले एक जैसे नंबर और दो में मिली सप्लीमेंट्री

भोपाल, । बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) की सभी परीक्षाएं विवादों में घिरती जा रही हैं। पिछले दिनों बीयू द्वारा इंजीनियरिंग के 35 छात्रों को सेमेस्टर परीक्षा से अपात्र करने पर एक साल का बैक लगा दिया गया है।

अब ताजा मामले में बीयू ने आशोका गार्डन स्थित सैम गर्ल्स कॉलेज के एमएससी जूलॉजी डिपार्टमेंट की 28 छात्राओं को दो विषय में एक जैसे नंबर और दो विषय में सप्लीमेंट्री दी दी है। इससे परेशान ये सभी छात्राएं शुक्रवार को बीयू कुलपति और कुलसचिव से मिलने पहुंचीं। कुलपति व कुलसचिव तो नहीं मिले, लेकिन बीयू प्रशासन ने छात्राओं को सभी विषयों का रीटोटलिंग करने की सलाह दी। लेकिन छात्राएं कॉपियों की रीचेकिंग पर अड़ गई हैं।

उनका कहना है कि ऐसा कैसे हो सकता है कि सभी छात्राओं को दो विषय में 40 और 20 अंक मिले हैं और सभी को दो विषयों में सप्लीमेंट्री दी गई। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी गलती मानने की बजाए बाहर से कॉपी चेक करने आए मूल्यांकनकर्ताओं पर ठीकरा फोड़ रहा है। बता दें कि इससे पहले दिसंबर में हुई पीएचडी की प्रवेश परीक्षा में सभी को फेल घोषित कर दिया गया था। वहीं बीडीएस, बीकॉम फर्स्ट ईयर के टूरिज्म के पेपर में इनकम टैक्स के प्रश्न पूछे गए।

विवि ने मूल्यांकनकर्ताओं पर फोड़ा ठीकरा –

गड़बड़ी के लिए विश्वविद्यालय अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए मूल्यांकनकर्ताओं पर ठीकरा फोड़ दिया है। अधिकारियों का कहना है कि अलग-अलग विश्वविद्यालयों के मूल्यांकनकर्ताओं के पास कॉपियों को चेक करने के लिए भेजा था। मूल्यांकनकर्ताओं की गड़बड़ी के कारण सभी 28 छात्राओं को दो विषयों में एक जैसे नंबर और दो विषयों में सप्लीमेंट्री आई है।

पीएचडी प्रवेश परीक्षा कल –

बीयू द्वारा आयोजित पीएचडी प्रवेश परीक्षा भी विवादों से घिरी है। यह परीक्षा पहली बार 24 दिसंबर 2017 को हुई थी, जिसमें ढ़ाई हजार से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे। इसका रिजल्ट 80 प्रतिशत से भी कम आया था। इस पर हंगामा हुआ और 22 अप्रैल को दोबारा परीक्षा कराने की अधिसूचना जारी हुई। लेकिन फिर इसे निरस्त कर परीक्षा 6 मई को आयोजित की जा रही है। इधर, बीकॉम फर्स्ट ईयर का निरस्त हुआ पेपर 3 मई को हुआ। इसके अलावा बीडीएस और डीमेट की परीक्षा भी दोबारा हुई थी।

35 में से 3 छात्र थर्ड सैम की दे रहे हैं परीक्षा –

पिछले दिनों बीयू के इंजीनियरिंग के सेकंड सेमेस्टर के 35 छात्रों को पांच प्वाइंट सीजीपीए कम होने के कारण थर्ड सेमेस्टर की परीक्षा नहीं बैठने दिया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि 35 में से सिर्फ 3 छात्रों को ही अगली परीक्षा में क्यों शामिल होने दिया जा रहा है। इससे बाकी छात्रों में रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि इन तीन छात्रों का भी 5 प्वाइंट सीजीपीए से कम आए हैं। इसकी शिकायत करने के लिए छात्रों का दल वीसी व रजिस्ट्रार से करने पहुंचे, लेकिन कोई नहीं मिला। जिससे वे निराश लौट आए।

री वैल्युएशन कराया जाएगा –

एमएससी जूलॉजी की परीक्षा में बाहर से आए मूल्यांकन कर्ताओं के कारण गड़बड़ी हुई है। छात्राओं ने शिकायत की है, जिनकी कॉपियों का फिर से रिवैल्यूएशन कराया जाएगा। वहीं इंजीनियरिंग के जो तीन छात्र अगली परीक्षा दे रहे हैं, उस संबंध में जानकारी नहीं है। अगर ऐसा पाया गया तो कार्रवाई होगी।

-डॉ. डीसी गुप्ता, प्रभारी कुलपति, बीयू

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