पुलिस वालों पर किसने चलाई गोली और किसने फेंका बम विकास दुबे केस में नामों का खुलासा

विकास दुबे के ममेरे भाई शशिकांत पांडेय की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को अपने आठ साथियों की हत्या के मामले में नए-नए राज पता चल रहे हैं। पुलिस की जांच के मुताबिक, प्रेम पाण्डेय घटना वाली रात लगातार गोलियां चला रहा था। आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद दो बम धमाके किए थे। उसका उद्देश्य था कि धमाकों की आवाज से पुलिस वाले भागने लगें और उन्हें भी गोलियों से भून दिया जाए। शशिकांत ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। पुलिस एनकाउंटर में मारा गया विकास दुबे का मामा प्रेम प्रकाश पाण्डेय बम चलाने में माहिर था। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि वह इतना शातिर था कि आवाज सुनकर उसी दिशा में बम मार देता था। घटना वाले दिन भी उसने दो तेज धमाके किए थे।

कब्जे की जमीनों का काम देखता था
प्रेम प्रकाश विकास की कब्जा की गई जमीनों का काम देखता था। वर्तमान में वह गांव के पास जंगलों को कटवाकर विकास के लिए जमीन तैयार करा रहा था। अवैध तरीके से विकास ने लगभग 100 बीघा जमीन पर कब्जा कर भी लिया था। उसी काम में लगी जेसीबी को घटना वाले दिन रास्ता ब्लॉक करने के लिए इस्तेमाल किया गया।

अंधेरे में सिर्फ आहट पर चला दिए बम
घायल पुलिसकर्मियों से अधिकारियों को पता चला कि साथियों की हत्या के बाद बचे जवान जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे, तभी दो बम धमाके किए गए। इसके बाद जिस घर में जगह मिली, पुलिस वाले छिप गए। बैकअप फोर्स आने पर ये पुलिसकर्मी निकले। इनका कहना है कि गांव में पूरी तरह अंधेरा था। प्रेम प्रकाश ने सिर्फ आहट और थोड़ी बहुत आवाज सुनकर बम चला दिए थे। इसके बाद एकदम सन्नाटा हो गया था। अमर और प्रभात ने भी कई गोलियां पुलिस वालों पर चलाई थी।

लाइसेंसी के साथ ही अवैध असलहों से भी किया हमला

विकास दुबे के गुर्गों ने लाइसेंसी के साथ ही अवैध हथियारों से पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त जांच में इसका खुलासा हुआ है। यह भी पता चला है कि विकास दुबे का अवैध तमंचों की सप्लाई का भी एक बड़ा नेटवर्क था। उसके सप्लायरों के बारे में जानकारी मिली है। वे फिलहाल अंडरग्राउंड हैं और पुलिस तलाश में लगी है। अब तक गिरफ्तार किए गए विकास के गुर्गों ने पुलिस को बताया है कि घटना की रात विकास के बुलावे पर लाइसेंसी असलहा तो लाए ही थे, फायरिंग में एक दर्जन से ज्यादा अवैध तमंचों का भी इस्तेमाल हुआ था। पहले राउंड में तमंचों से ही फायरिंग की गई। उसके बाद लाइसेंसी असलहों का प्रयोग किया। यह भी बताया कि इतनी बड़ी संख्या में अवैध तमंचों की सप्लाई शुक्लागंज, उन्नाव और बिल्हौर से होती थी। कुछ अपग्रेडेड कंट्री मेड (देसी) पिस्टल की सप्लाई बिहार से होती थी।

शशिकांत और उसकी पत्नी मनु को सरकारी गवाह बना सकती पुलिस :

विकास दुबे मामला में पुलिस शशिकांत और उसकी पत्नी मनु को सरकारी गवाह बनाने की तैयारी कर रही है। दोनों ने घटना का आंखों देखा हाल बताया है और पुलिस को सहयोग करने की बात कही है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि मनु पांडेय और शशिकांत वारदात के प्रत्यक्षदर्शी हैं। उन्होंने वारदात की तैयारी से लेकर आठ पुलिस कर्मियों की हत्या तक की पूरी कहानी पुलिस को बताई है। किस छत से कौन गोलियां चला रहा था, यह सब जानकारी दी है।एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अगर दोनों सरकारी गवाह बनते हैं तो मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद कोर्ट में पेश करके उनकी गवाही के साथ ही अन्य पूरी प्रक्रिया की जाएगी।

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