असम: TMC के नेताओं से ‘दुर्व्यवहार’ के विरोध में कल ‘काला दिवस’ मनाएंगी ममता बनर्जी

कोलकाता: असम नागरिकता विवाद मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी चार और पांच अगस्त को काला दिवस मनाने वाली है. इस मुद्दे पर सबसे ज्यादा आक्रमक ममता की पार्टी ही है. कल असम जाने से पुलिस ने रोक दिया तो आज संसद में हंगामा हुआ. इसके बाद राजनाथ सिंह ने जो जवाब दिये उससे ये सवाल खड़ा होता है कि क्या जो 40 लाख लोग नागरिकता के ड्राफ्ट में नहीं हैं उनपर फैसला 2019 के बाद होगा.

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि पार्टी शनिवार और रविवार को राज्य के हर प्रखंड तथा जिले में ‘‘काला दिवस’’ मनाएगी. उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘जिस तरीके से सिलचर हवाईअड्डे पर असम पुलिस ने जन प्रतिनिधियों से दुर्व्यवहार किया और रोका, हम उसकी निंदा करते हैं. सांसद होने के नाते उन्हें हर जगह जाने का अधिकार है लेकिन सभी नियमों का उल्लंघन किया गया और हमारी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को रोका गया. यह शर्मनाक है.’’

तृणमूल कांग्रेस के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को सिलचर हवाई अड्डे पर उस समय रोका गया जब वे एनआरसी के अंतिम मसौदे के जारी होने के बाद जमीनी हकीकत का आकलन करने असम के कछार जिले में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे.

तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी की जिला इकाइयों को राज्य के विभिन्न हिस्से में रैली आयोजित करने और काली पट्टी पहनकर विरोध प्रदर्शन करने को कहा है . चटर्जी ने कहा, ‘‘हमारे सांसदों को जिस तरह रोका गया यह साबित करता है कि भाजपा कुछ छिपाने की कोशिश कर रही है. हम उनको बेनकाब करने तक लड़ते रहेंगे.’’

बहरहाल, बीजेपी ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी असम में शांति-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास कर रही है. बीजेपी के महासचिव सयंतन बसु ने कहा, ‘‘तृणमूल कांग्रेस राष्ट्रीय सुरक्षा को दांव पर लगाना चाहती है और इस पर राजनीतिक फायदा लेना चाहती है. तृणमूल कांग्रेस के नेताओं से किसने असम जाने को कहा ? वे वहां क्यों गए ? उनका इरादा शांति और स्थिरता को बिगाड़ना है.’’

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