जनआशीर्वाद योजना : पत्नी साधना सिंह ने पिलाई सीएम शिवराज को चाय, मंच पर दिखा घरेलू पुट

ग्वालियर/मुरैना। मुरैना में सीएम शिवराज सिंह मंच पर पहुंचे तो उनके साथ चल रहीं साधना सिंह भी मंच पर पहुंचीं। यहां सीएम के बोलने से पहले उन्होंने थर्मस में रखी चाय स्वयं परोसी और पेश की। सीएम ने मंच पर चाय की चुस्कियां लीं। सीएम ने जहां अपनी योजनाएं गिनाईं वहीं केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि शिवराज सरकार ने किसानों को 27 हजार करोड़ रुपए का लाभ विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दिया है। बिजली उत्पादन बढ़ाया है, सिंचाई की क्षमता भी बढ़ाई है।

पोरसा से लेकर मुरैना तक सीएम का भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा में रविवार को सड़कों पर जन सैलाब उमड़ पड़ा। पोरसा में बुधारा लेकर रात करीब सवा दस बजे मुरैना से रवाना होने तक लोग सीएम के स्वागत के लिए डटे रहे। अंबाह चौराहे से मंच तक पहुंचने में सीएम को करीब एक घंटे का समय लग गया। एक घंटे तक चले कार्यक्रम में स्वागत-सत्कार के बाद सीएम अपनी योजनाओं की जानकारी देकर रवाना हो गए। बुधारा से जिले की सीमा में प्रवेश करते ही सीएम का जोरदार स्वागत शुरू हो गया। मुरैना में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री रुस्तम सिंह व जिपं सदस्य राकेश सिंह ने मुरैना की सीमा प्रवेश करते ही सीएम का स्वागत किया। मुरैना में जिला पंचायत अध्यक्ष गीता हर्षाना, महापौर अशोक अर्गल, सदस्य हमीर पटेल, नगर निगम में उप सभापति अनिल गोयल, भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नागेंद्र तिवारी, मंडल अध्यक्ष प्रेमकांत शर्मा ने स्वागत किया। इससे पहले पोरसा के बुधारा में प्रताप सिंह तोमर, अमर सिंह, अंबाह में कंचन चौहान, गणेश सिंह तोमर, उमेश जैन, जितेंद्र तोमर उपाध्यक्ष कृषि उपज मंडी, अभिषेक शर्मा कल्ला जिलाध्यक्ष पंचायत प्रकोष्ठ, नरेश सिंह तोमर, खुशीलाल श्रीवास ने स्वागत किया। इसके बाद दिमनी के रतीरामपुरा में जितेेंद्र सिंह तोमर बिच्छू के नेतृत्व में समर्थकों ने सीएम का स्वागत किया। बाद में दिमनी में पूर्व विधायक शिवमंगल सिंह तोमर के कार्यक्रम में सीएम ने मंच से सभा को संबोधित किया। तोमर के नेतृत्व में भाजपा नेताओं ने भव्य स्वागत भी किया और करोड़ों के विकास एवं निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। शहर में आम जनता ने भी भव्य स्वागत किया।

शहीद की पत्नी को नहीं मिलने दिया सीएम से
13 मार्च को छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में शहीद हुए जवान रामकिशन सिंह तोमर की पत्नी प्रभा देवी तोमर रविवार को सीएम से नहीं मिल पाईं। शासन की घोषणा के अनुरूप एक करोड़ रुपए और भूखंड सहित अन्य घोषणाओं को पूरा कराने के लिए सीएम से मिलना चाह रही थीं, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें सीएम से नहीं मिलने दिया। हालांकि संभवत: यह मामला सीएम के संज्ञान में पहुंच गया, इसलिए अंबाह में उन्होंने शहीद के घर जाकर परिजनों को सम्मानित करने की बात कही। पोरसा में शहीद की पत्नी ने बताया कि वे इससे पहले सीएम, केंद्रीय मंत्री सहित प्रशासनिक अधिकारियों से भी मिल चुकी हैं, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। जबकि सरकार ने एक सरकारी नौकरी देने और आवासीय भूखंड देने की भी बात कही थी।

RO-11436/55

11359/79

11363/40

Recommended For You

About the Author: reporter