पाकिस्तान का कुलभूषण जाधव मामले में नया पैंतरा, एक और कॉन्सुलर एक्सेस देने को तैयार

इस्लामाबाद. कुलभूषण जाधव केस में पाकिस्तान का ड्रामा लगातार जारी है. कुलभूषण जाधव पाकिस्तान की जेल में साल 2016 से हैं. पाकिस्तान आरोप लगाता है कि कुलभूषण जाधव एक जासूस है. हालांकि, भारत की ओर से इस दावे को कई बार नकारा जा चुका है. पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 3 मार्च 2016 को जासूसी और आतंकवाद के आरोप में बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया था. साल 2017 में भारत ने इस मामले को ICJ में उठाया. पिछले साल जुलाई में कोर्ट ने पाकिस्तान से कहा कि वो कुलभूषण जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस दे और फांसी की सजा पर फिर से विचार करे.अब पाकिस्‍तान वहां की जेल में कैद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को एक और कॉन्सुलर एक्‍सेस देने को तैयार है. इस बारे में पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि वो भारत की मांग के अनुसार सुरक्षाकर्मियों की गैरमौजूदगी में कॉन्सुलर एक्‍सेस देने को तैयार है. बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान ने गुरुवार को उन्हें दूसरी बार भारतीय राजनीयिक से मिले के लिए दिया था. हालांकि, भारत सरकार ने कहा है कि ये मुलाकात ‘न तो सार्थक थी और न ही विश्वसनीय था साथ ही इस दौरान जाधव तनाव में नजर आए.

पाकिस्तान का झूठ
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने बाद में दावा किया कि जाधव से मिलने आए भारतीय उच्चायोग के दो अधिकारी बिना उन्हें सुने हुए चले गए. उन्होंने कहा, ‘उन्होंने बीच में लगे शीशे पर आपत्ति की जिसे हमने हटा दिया. उन्होंने ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग पर भी एतराज किया, इसलिए वह भी नहीं किया गया। हम उनके सभी अनुरोध को पूरा करते लेकिन वे चले गए .’

भारत का पाकिस्तान पर आरोप
इस मुलाकात के बाद दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने भारत को भरोसा दिलाया था कि राजनयिक संपर्क बेरोक-टोक और बिना किसी शर्त के होगा. लेकिन मुलाकात के लिए किए गए इंतजाम इस्लामाबाद द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुरूप नहीं थे. प्रवक्ता ने कहा, ‘मुलाकात के लिए न तो माहौल और न ही इंतजाम, पाकिस्तान द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुरूप थे.’ कहा जा रहा है कि इस दौरान पाकिस्तानी अधिकारी और दूसरे अधिकारी जाधव के आसपास मौजूद थे, जबकि भारत की ओर से इसका विरोध किया गया. मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘जाधव तनाव में नजर आ रहे थे और यह राजनयिक अधिकारियों को साफ-साफ दिखाई दिया. वहां किए गए इंतजाम उनके बीच स्वतंत्र बातचीत की अनुमति नहीं दे रहे थे .’

RO-11436/55

11359/79

11363/40

Recommended For You

About the Author: reporter