बूथ प्रबंधन से पहले बूथ कमेटी बनाने के लिए कांग्रेस को करनी पड़ रही मशक्कत

रायपुर । प्रदेश में कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव को पिछले विधानसभा चुनाव के फार्मूले पर लड़ने की तैयारी कर रही है। 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने बूथ प्रबंधन को विशेष जोर दिया था, इस बार यहां कांग्रेस को सत्ता में होने के बावजूद बूथ प्रबंधन से पहले बूथ कमेटी के गठन के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। इसे देखते हुए अब बूथ कमेटी बनवाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम खुद मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।

प्रदेश में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने कमर कसनी शुरू कर दी है, इसलिए बूथ कमेटी और बूथ प्रबंधन पर अभी से ध्यान दिया जा रहा है। पिछले सप्ताह हुई प्रदेश कार्यकारिण्ाी की बैठक में शामिल होने पहुंचे प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया और प्रभारी सचिव डा. चंदन यादव ने बूथ प्रबंधन समिति के सदस्यों की भी बैठक ली थी। इस बैठक में पुनिया और डा. यादव ने बूथ कमेटियों का गठन जल्दी करने के लिए कहा। तब बूथ प्रबंधन समिति के सदस्यों ने यह शिकायत की कि विधायकों की दखल के कारण देरी हो रही है।

इस कारण अब सभी बूथ कमेटियों के गठन की अवधि बढ़ा दी गई है। पहले प्रदेश कांग्रेस ने दिसंबर के पहले हफ्ते तक सभी बूथ कमेटियों के गठन का लक्ष्य रखा था, जिसे अब 31 दिसंबर कर दिया गया है। उसके अलावा यह तय हुआ है कि अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम भी दौरा कर बूथ कमेटियों का गठन कराएंगे।
समन्वय बनाने के लिए सीएम दिवाली के बाद लेंगे बैठक

प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश कार्यकरिणी की बैठक में यह भी तय हुआ है कि बूथ कमेटियों के गठन में आ रही दिक्कतों को दूर करने और समन्वय बनाने के लिए मुख्यमंत्री बघेल दिवाली के बाद प्रदेश समन्वय समिति की बैठक लेंगे। इसमें राज्यस्तरीय बूथ प्रबंधन समिति के सदस्य, विधायक, जिलाध्यक्ष और ब्लाक अध्यक्ष भी शामिल होंगे।
बूथ के बाद जोन, सेक्टर कमेटियों का होगा गठन

राज्यस्तरीय बूथ प्रबंधन समिति के सदस्य अरुण भद्रा ने बताया कि बूथ के बाद जोन, सेक्टर कमेटियों का गठन होगा। इसके बाद प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा।

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