Chhattisgarh Panchayat Election 2020 : सरगुजा में आदितेश्वर की रिकार्ड मतों से जीत, राकेश भी जीते चुनाव

अंबिकापुर । सरगुजा जिला पंचायत में पहले चरण के हुए चुनाव में साथ में से सातों सीटों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार लगभग चुनाव जीत चुके हैं। प्रतिष्ठापूर्ण अंबिकापुर जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 1 से राकेश गुप्ता जो वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य हैं इन्होंने लगभग 18000 मतों से एकतरफा जीत दर्ज की है, वहीं सरगुजा राजपरिवार के युवा चेहरा ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के मेंबर आदितेश्वर शरण सिंह देव ने भी अंबिकापुर क्षेत्र क्रमांक 2 से रिकॉर्ड लगभग 19 हजार मतों से जीत हासिल की है। अंबिकापुर निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 3 में अप्रत्याशित रूप से अब तक लगातार जीत दर्ज करने वाली भाजपा समर्थित जिला पंचायत सरगुजा की अध्यक्ष फुलेश्वरी सिंह पैकरा इस बार चुनाव हार गईं। उन्हें चौथे नंबर पर संतोष करना पड़ा। यहां से कांग्रेस समर्थित अनिमा एक्का ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की है।

लखनपुर क्षेत्र क्रमांक 4 से वर्तमान जिला पंचायत सदस्य व सरगुजा राजपरिवार के करीबी कांग्रेस के युवा नेता शैलेंद्र प्रताप सिंह की धर्मपत्नी सरला सिंह ने साढ़े 12 हजार मतों से जीत हासिल की है। पिछली बार वे मात्र 22 सौ मतों से जीत दर्ज की थी।

लखनपुर क्षेत्र क्रमांक 5 से भी लखनपुर राज परिवार की सदस्य अर्पित सिंहदेव ने करीब साढ़े नौ सौ मतों से जीत हासिल कर भाजपा समर्थित प्रत्याशी को पछाड़ दिया है। उदयपुर क्षेत्र क्रमांक 6 में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है किंतु यहां भी कांग्रेस समर्थित राधा रवि ने लगभग 800 मतों से लीड ले ली है।

यहां भाजपा समर्थित वर्षा पप्पू सोनवानी पिछड़ रही हैं। देर रात तक वर्षा पप्पू सोनवानी आगे चल रही थी। उधर उदयपुर क्षेत्र क्रमांक 7 में लंबे समय से कांग्रेस का नेतृत्व करने वाले और मजबूत चेहरा जनपद अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने 5000 मतों से जीत हासिल कर उदयपुर क्षेत्र को कांग्रेस की झोली में डाल दिया है। प्रथम चरण में हुए चुनाव में 7 जिला पंचायत निर्वाचन क्षेत्रों में सातों में काग्रेस धमाकेदार जीत दर्ज की है।

जिला पंचायत सरगुजा की अध्यक्ष भाजपा नेत्री फुलेश्वरी सिंह लगातार अंबिकापुर निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 3 से चुनाव जीतते आ रही थी। इस बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। यहां जातिगत वोटों के समीकरण में उन्हें चौथे नंबर पर लाकर खड़ा कर दिया।

यहां कांग्रेस ने पूर्व जनपद अध्यक्ष रेवती सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित किया था किंतु इस इलाके से अनिमा एक्का भी कांग्रेस की ओर से ही चुनाव मैदान में उतर गई जिससे रेवती सिंह को दूसरे नंबर पर संतोष करना पड़ा। अनिमा एक्का को जातिगत समीकरण में उरांव और क्रिस्चियन वोट एक तरफा हासिल हो गया। उन्होंने सभी को पीछे छोड़ दिया।

निर्वाचित होने के तत्काल बाद अनिमा प्रदेश के कैबिनेट मंत्री टीएस सिंह देव से मुलाकात करने अंबिकापुर पहुंच गई। कांग्रेस को यहां डर था कि दो कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों के उतर जाने से एक बार फिर फुलेश्वरी को जीत का मौका मिलेगा किंतु ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस समर्थित अनिमा ने ही जीत हासिल कर ली।

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