पेंशन बंद किए जाने से नाराज मीसा बंदियों ने लगाए भूपेश सरकार पर कई गंभीर आरोप, कह दी यह बड़ी बात

दुर्ग. प्रदेश सरकार (Chhattisgarh government) ने 300 मीसा बंदियों को दी जाने वाली सम्मान निधि पर रोक लगा दी है। इस पर मीसा बंदियों की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। दुर्ग के मीसा बंदी डोमार सिंह चंद्राकर ने फैसले को राजनीतिक और बदले की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया है। उन्होंने कहा है कि यह सीधे तौर पर लोकतंत्र पर प्रहार है। मीसा बंदियों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी व जेलों में यातनाएं सही। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस पार्टी की सरकार ने वर्ष 1975 में देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास किया, उसी पार्टी की प्रदेश सरकार आखिर मीसा बंदियों का सम्मान कैसे कर सकती है।

प्रदेश सरकार ने वर्ष 2019 में मीसा बंदियों के भौतिक सत्यापन के नाम पर रोक लगा दी थी और सम्मान निधि से वंचित रखा। इसके खिलाफ मीसा बंदियों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने मीसा बंदियों के पक्ष में फैसला किया था। यह फैसला हाईकोर्ट के फैसले की अवमानना है। चंद्राकर ने बताया कि मीसा बंदियों ने राज्य सरकार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी ज्ञापन प्रेषित किया है।

मीसा (मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट) के नाम से इस विवादित कानून को 1971 में इंदिरा गांधी सरकार ने पास करवाया था। इसके बाद सरकार के पास असीमित अधिकार आ गए। पुलिस या सरकारी एजेंसियां कितने भी समय के लिए किसी की प्रिवेंटिव गिरफ्तारी कर सकती थीं, किसी की भी तलाशी बिना वारंट ली जा सकती थी। सरकार के लिए फोन टैपिंग भी इसके जरिए लीगल बन चुकी थी। आपातकाल के दौरान 1975 से 1977 के बीच इसमें कई बदलाव भी किए गए। आपातकाल के दौरान इसका जबरदस्त तरीके से दुरुपयोग किया गया।

कांग्रेस और इंदिरा गांधी के विरोधियों को बिना किसी चार्ज के इस कानून के जरिए महीनों जेल में रखा गया। यहां तक कि विपक्षी पार्टियों के शीर्ष नेताओं को तक नहीं बख्शा गया। अटल बिहारी वाजपेई, लालकृष्ण आडवानी, चंद्रशेखर शरद यादव और लालू प्रसाद सरीखे नेता इसी कानून के तहत जेल में रहे थे। 1977 में जनता पार्टी के सत्ता में आते ही उन्होंने इस कानून को रद्द कर दिया। इस कानून में आपातकाल के दौर में बंद लोगों को मीसा बंदी कहा गया। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे कुछ राज्यों में इन्हें स्वतंत्रता सेनानियों की तरह पेंशन भी दी जाती है।

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