फ्री एनर्जीः बिना ईधन चलेगा ट्यूबवेल अौर जलेंगे बल्ब, भविष्य में कार भी चलेगी

फ्री एनर्जी जनरेटर। कानपुर
ईधन के बिना घरों में एलईडी चमकेगी और पंखे भी चलेंगे साथ ही ट्यूबवेल से सिंचाई भी हो सकेगी। आने वाले दिनों में इससे सड़कों पर कार और बाइकें भी दौड़ेंगी। यह कुछ सपने जैसा ही लग रहा है। इस सपने को हकीकत में बदल दिया है कक्षा 9वीं पास पीएम वाघानी ने। उन्होंने एक ऐसा फार्मूला खोज निकाला है जिससे यह सब होगा वह भी बिना ईधन के। वधानी ने 5 एचपी का एक जनरेटर तैयार किया है। इसकी लागत महज 20 हजार रुपये है जबकि इतने पावर का जनरेटर 60 हजार से अधिक कीमत का मिलता है। वे जल्द अपने इसे जनरेटर को कामर्शियल प्रयोग के लिए उतारेंगे। इससे चार व्यक्ति के परिवार वाले घर का बिजली आपूर्ति आसानी से हो जाएगी।

हादसे के बाद अाया एेसा अाइडिया

गुजरात के भाव नगर में रहने वाले पीएम वाघानी बताते हैं कि करीब 15 साल पहले उनके पड़ोस के परिवार में शादी के दौरान करंट लगने से इकलौते लड़के की मौत हो गई। हादसे से उन्हें गहरा सदमा लगा। उन्होंने प्रण लिया कि एेसी तकनीक विकसित की जाए जिससे बिजली तो अाए, लेकिन करंट न लगे। उनके परिवार में शुरू से ही बिजली के उपकरण बनाने का काम था, इसलिए उन्हें तकनीक खोजने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। पांच साल जूझने के बाद उन्होंने फार्मूली खोज निकाला, जिसपर वह 10 साल से काम भी कर रहे हैं। अपनी वर्कशॉप में सफल प्रयोग के बाद उन्होने इसका फायदा लोगों तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है।

मैग्नेट और कैपेस्टर से बनाया जनरेटर
वाघानी ने करीब 10 साल पहले एक ऐसा फार्मूला तैयार किया जो बिना ईधन के बिजली सप्लाई करता है। उन्होंने इसे बनाने के लिए एक एचपी की मोटर का प्रयोग किया। जिसे चलाने के लिए उन्होंने रस्सी का सहारा लिया। इसे उन्होंने अपने फार्मूले से जोड़ दिया। यह फार्मूला सिर्फ मैग्नेट और कैपेस्टर से तैयार किया गया। इस पूरी प्रक्रिया के बाद 6 एचपी की बिजली तैयार हुई। इसमें 1 एचपी की बिजली को रीसाइकिल प्रक्रिया के लिए रखा गया। वाघानी एनर्जी लिमिटेड के चीफ एक्जक्यूटिव ऑफिसर और शहर के मंगला विहार में रहने वाले अनिल उत्तम ने बताया कि जल्द यह जनरेटर लोगों के उपयोग के लिए बाजार में उपलब्ध होगा। इसका उपयोग कर कार और बाइक भी चल सकेंगी। इस जनरेटर का ट्रायल पिछले कई सालों से चल रहा है।

न मारेगा करंट और न होगा शार्ट-सर्किट

अनिल ने बताया कि यह जनरेटर सभी खतरों से मुक्त है। इसमें तार पकड़ने के बावजूद करंट लगने जैसी कोई संभावना नहीं है। साथ ही यह पूरी तरह शार्ट-सर्किट प्रूफ है। इससे आए दिन होने वाले हादसे भी पूरी तरह रुकेंगे। यह जनरेटर न सिर्फ बिजली की बचत करेगा बल्कि चोरी से भी मुक्त रहेगा। अनिल ने बताया कि इस जनरेटर को निर्धारित जगह में सेट किया जाता है। इसे अगर दो से तीन फीट भी हिलाया गया तो यह लॉक हो जाता है। इसके बाद जनरेटर का कोई प्रयोग नहीं होता है। यह जनरेटर काफी दूर बैठ कर भी चालू-बंद किया जा सकेगा। यह जीपीएस से जुड़ा रहेगा। इससे अगर भूलवश जनरेटर चालू छूट जाए या इससे जुड़ा कोई उपकरण चलता रह जाए तो कहीं से भी उसे बंद किया जा सकेगा।

प्रोजेक्ट का कराया नेशनल पेटेंट

अनिल ने बताया कि इस फार्मूले का नाम वाघानी पावर हाउस रखा गया है। इसका नेशनल पेटेंट भी हो गया है। जल्द यह फार्मूला लोगों के लिए बाजार में भी उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि इसका प्रदर्शन इसी माह कानपुर में किया जाएगा। लोगों की आवश्यकता के अनुसार इसकी अधिक क्षमता वाले जनरेटर भी तैयार होंगे।
कार-बाइक चलाने का चल रहा ट्रायल
अनिल ने बताया कि बिजली उत्पन्न करने का ट्रायल पूरा हो चुका है। जल्द बिना ईधन वाला यह जनरेटर लोगों के प्रयोग के लिए बाजार में उपलब्ध कराने की तैयारी में है। कार और बाइक को भी बिना ईधन तैयार इंजन से चलाने का ट्रायल गुजरात में बनी कार्यशाला में चल रहा है। जल्द इसे भी कामर्शियल प्रयोग के लिए बाजार में उतारा जाएगा।

आईआईटी ने भी प्रोजेक्ट देखने की इच्छा जताई

एचबीटीयू में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. युद्धवीर सिंह ने बताया कि मैग्नेट और कैपेस्टर के जरिये बिजली का उत्पादन किया जा सकता है। इसमें बिजली स्टोर कर जनरेटर की तरह कार्य कर सकता है। अगर इसे सही तरीके से मैनेज कर फार्मूला तैयार किया जाए तो जरूर बिजली उत्पन्न हो सकती है। आईआईटी के वैज्ञानिकों ने भी इस फार्मूले को देखने की इच्छा जताई है।

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