PNB घोटाला: जानें बैंक डूब जाए तो आपके पैसा का क्या होगा?

पंजाब नेशनल बैंक में हुए महाघोटाले के बाद एक बार फिर बैंकों में रखे आम आदमी के पैसे की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगा है. बैंक कर्मचारियों के इस घोटाले में शामिल होने से चिंता और भी बढ़ जाती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

ऐसे में क्या आपने कभी सोचा है कि अगर वो बैंक डूब जाता है, जिसमें आपका खाता है तो आपके पैसों का क्या होगा. इस सवाल का जवाब हम आपको दे रहे हैं और बता रहे हैं कि मौजूदा व्यवस्था में बैंक में रखा आपका पैसा कितना सुरक्ष‍ित है.

मौजूदा व्यवस्था में बैंक में रखे आपके पैसों को निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम (DICGC) इंश्योंरेंस कवर देता है. ये बीमा भी तब ही मिलता है, जब कोई बैंक इसके लिए प्रीमियम भरता है.

अच्छी बात यह है कि लगभग सभी सरकारी और निजी बैंकों ने यह इंश्योंरेंस लिया हुआ है. लेक‍िन बुरी बात यह है कि ये संस्था भी बैंक में रखे आपके पूरे पैसे सुरक्ष‍ित नहीं रखती है.

DICGC के मुताबिक बैंक में आपने चाहे जितने भी पैसे रखें हों, आपके सिर्फ 1 लाख रुपये ही इंश्योर्ड होते हैं. इसका मतलब यह है कि अगर आप ने किसी बैंक में 1 लाख रुपये से ज्यादा रखे हैं, तो उसमें से सिर्फ आपके 1 लाख रुपये को ही बीमा कवर प्राप्त है.

बैंक में रखे आपके लाखों रुपयों की डूबने की नौबत तब आती है, जब कोई बैंक दिवालिया हो जाता है. जब कोई बैंक जमाकर्ताओं का पैसा लौटाने में सक्षम नहीं होता, तब ये बीमा कवर आपके काम आता है.

लेकिन बैंक में अगर आपने 1 लाख रुपये से ज्यादा पैसे रखे हैं, तो बैंक के दिवालिया होने की सूरत में आपको सिर्फ 1 लाख रुपये ही मिलेंगे. इसके अलावा जो भी पैसा आपका जमा रहेगा, उसके मिलने की कोई गारंटी नहीं रहती.

डिपोजिट इंश्योंरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) को 1961 में लाए गए इसी नाम के कानून की बदौलत बनाया गया है. अच्छी बात यह है कि 1961 से लेकर अभी तक कभी ऐसी नौबत नहीं आई है, जब जमाकर्ता को बैंक में रखे अपने पैसों का नुकसान उठाना पड़ा हो.

ज्यादातर समय पर जब भी कोई बैंक परेशानी में होता है या फिर उसकी वित्तीय स्थ‍िति बिगड़ने लगती है, तो भारतीय रिजर्व बैंक कई समाधान करके उसे संभाल लेता है. इस नियम से आपको डरने की जरूरत नहीं, बल्क‍ि इसकी जानकारी रखने की आवश्यकता है. इससे आप वक्त आने पर सही फैसला ले सकेंगे

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