महिला ने पति से बोला 3 बार तलाक, कहा- महिलाएं रिश्ता क्यों नहीं तोड़ सकतीं

मेरठ. यहां एक दिव्यांग मुस्लिम महिला ने पति को तीन बार तलाक बोलकर रिश्ता खत्म कर लिया। उसने कहा, “महिलाएं तीन बार तलाक क्यों नहीं बोल सकतीं? हमें भी ये हक है।” महिला ने बुधवार को आईजी अजय आनंद से मुलाकात कर मामले की जानकारी दी। उन्होंने अफसरों से इस पूरी डिटेल मांगी है।
सगी बहनों से हुई थी भाइयों की शादी…
– मेरठ के नरहाड़ा गांव की रहने वाली 2 सगी बहनों की शादी लठपुरा निवासी दो भाइयों शाबिर और शाकिर से 2012 में हुई थी।
– महिला का आरोप है, दोनों भाई दहेज के लिए हमें परेशान करते थे। 5 साल के दौरान 3 बार दोनों पक्षों में समझौता भी हुआ था।
रेप और मारपीट का आरोप

– बड़ी बहन का आरोप है, ”उसके पति के छोटे भाई ने दहेज के लिए अपनी पत्नी को पीटा और तलाक दे दिया। मेरे विरोध करने पर उसके पति ने मुझे भी पीटा। पति के कहने पर देवर ने मेरे साथ रेप किया और ससुरालवालों ने जलाकर मारने की कोशिश की। केस दर्ज कराने के बावजूद पुलिस की तरफ से कोई एक्शन नहीं लिया गया।”
महिला बोली- क्या पुरुषों को ही हक है?
– महिला का कहना है, “पति की मारपीट और ससुराल वालों से तंग आकर मैंने एक अप्रैल को पति को 3 बार तलाक बोल दिया। क्या मुस्लिम समाज में पुरूषों को ही तीन बार तलाक बोलने अधिकार है? महिलाएं ट्रिपल तलाक क्यों नहीं दे सकतीं? हमें भी ये अध‍िकार है।”

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