रिकार्ड 10.50 लाख छात्रों ने छोड़ दी यूपी बोर्ड परीक्षा

यूपी बोर्ड की परीक्षा के चौथे दिन शुक्रवार को पेपर छोड़ने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या 10.50 लाख तक पहुंच गई। बोर्ड के 95 साल के इतिहास में यह पहला मौका है जबकि इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थी पेपर देने नहीं पहुंचे। इससे पहले किसी भी साल इतनी बड़ी संख्या में छात्रों ने परीक्षा नहीं छोड़ी थी।

परीक्षा छोड़ने वालों में हाईस्कूल के 624473 और इंटरमीडिएट के 420146 परीक्षार्थी शामिल हैं। यह संख्या बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकृत 6637018 छात्र-छात्राओं की 15.73 प्रतिशत है। 2016 में सर्वाधिक 645024 परीक्षार्थियों ने पेपर छोड़ा था लेकिन इस साल का आंकड़ा रिकार्ड हो गया।

नकल विहीन परीक्षा को लेकर सरकार की ओर से की जा रही सख्ती और सीसीटीवी कैमरे में करतूत कैद होने के खौफ से शुक्रवार तक 10,44,619 छात्र-छात्राओं ने पेपर छोड़ दिया है। शुक्रवार को सुबह की पाली में हाईस्कूल अंग्रेजी व इंटर संगीत गायन, संगीत वादन व नृत्यकला का द्वितीय प्रश्नपत्र था।

जबकि दूसरी पाली में इंटर विज्ञान वर्ग गणित प्रथम प्रश्नपत्र व वाणिज्य वर्ग गणित तथा प्रारंभिक सांख्यिकी प्रथम प्रश्नपत्र का पेपर था। इससे पहले हाईस्कूल गृह विज्ञान, हिन्दी व कृषि की परीक्षा हो चुकी है जिसमें बोल-बोल कर नकल करवाने की गुंजाइश थी। लेकिन शुक्रवार को अंग्रेजी के पेपर में नकलचियों के हौसले पस्त हो गये। यही स्थिति इंटर की है। इंटर में शुरुआत के तीन दिनों में हिन्दी, संगीत, बीमा सिद्धांत जैसे सरल विषयों के पेपर थे, लेकिन शुक्रवार को दूसरी पाली में गणित के पेपर में बड़ी संख्या में परीक्षार्थी सेंटर तक पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा सके।

नकल के लिए बदनाम जिलों में सर्वाधिक छात्र-छात्राओं ने बोर्ड परीक्षा छोड़ी है। गाजीपुर में 64858, आजमगढ़ 64777, देवरिया 61620, बलिया 56342, अलीगढ़ 45458, फैजाबाद 36712, हरदोई 34181, मथुरा 30191, मऊ 30169 इलाहाबाद 25899, आगरा 25740 व गोंडा में 23884 परीक्षार्थी अब तक पेपर छोड़ चुके हैं।

अब तक 10,44,619 परीक्षार्थियों के अनुपस्थित रहने की सूचना मिली है। शासन की मंशा के अनुरूप नकल विहीन परीक्षाएं कराई जा रही हैं। हमें अपने प्रयास में सभी जिलों के अधिकारियों, शिक्षकों और अभिभावकों का सहयोग मिल रहा है।

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