यहां रिजल्ट के आधार पर मिलेगा शिक्षकों को वेतन

सुकमा। जिले में शिक्षा का स्तर सुधारने हर जरुरी प्रयास व नवाचार किए जाएंगे। शिक्षकों की परीक्षा ली जाएगी। जरुरत पड़ी तो उन्हें पढ़ाया भी जाएगा। स्कूलों में हर महीने परीक्षा आयोजित की जाएगी। बच्चों के रिजल्ट के प्रतिशत के आधार पर शिक्षकों को वेतन दिया जाएगा। रिजल्ट में सुधार होने पर शिक्षकों का रुका हुआ वेतन उन्हें दिया जाएगा। उक्त बातें कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने मंगलवार को पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि जिले में शिक्षा के लिए जरुरी अधोसंरचनाओं की कमी नहीं है। आवासीय शैक्षणिक संस्थाओं का कोई भी बधाा फेल न हो इसके लिए शिक्षा विभाग से जुड़े अफसरों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल में विषयवार शिक्षकों की कमी को ध्यान में रखते हुए फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स एवं साइंस के 48 शिक्षकों की नियुक्ति आउटसोर्सिंग से की जाएगी। ऐसे शिक्षकों को ट्यूटर का नाम दिया जाएगा। इन्हें 20 से 30 हजार रुपए का मासिक वेतन डीएमएफ और सीएसआर मद से दिया जाएगा।

योजनाओं का प्रसार स्थानीय बोली में

सरकारी योजनाओं का लाभ हरेक को मिल सके, इसके लिए सरकारी योजनाओं का प्रसार-प्रचार जरुरी है। सभी सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार स्थानीय बोली में किया जाएगा। सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन कर ग्रामीणों को आर्थिक रुप से मजबूत करने की दिशा में हर जरुरी कदम उठाए जाएंगे। मनरेगा, कृषि और वनोपज से ग्रामीणों को ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित करने पर जोर देने की बात मौर्य ने कही।

हाट-बाजारों में स्वास्थ्य परीक्षण भी होगा

कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने कहा कि जिले में 22 साप्ताहिक हाट-बाजार हैं। जनसमस्या निवारण शिविर अब इन्हीं हाट-बाजारों में लगाए जाएंगे। इसके लिए जरूरी तैयारी महीने भर पहले से की जाएगी। क्लस्टर अनुसार गांव-गांव में मुदानी कर शिविर की जानकारी दी जाएगी। शिविर आयोजन से पहले ग्रामीणों से उनकी समस्या व मांगों के आवेदन मंगाए जाएंगे। शिविर के दिन ग्रामीणों को समस्या निराकरण की स्थिति से अवगत कराया जाएगा। इन्हीं साप्ताहिक हाट-बाजारों में लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मिल सके, इसके लिए दो मेडिकल टीम का रुट चार्ट बनाया जाएगा। दो वाहन में अलग-अलग मेडिकल टीम साप्ताहिक हाट-बाजारों में जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी।

रोड व संचार कनेक्टिविटी पर जोर

जिले में संचार व रोड कनेक्टिविटी बेहतर करने पर जोर रहने की बात कहते हुए कलेक्टर ने कहा कि गांव-गांव तक सडक़ व संचार की कनेक्टिविटी होने पर माओवादी समस्या से काफी हद तक छुटकारा मिल जाएगा। जिले में बैंकिग सेवाओं को और बेहतर करने की बात कहते हुए कलेक्टर ने कहा कि जिले में राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाएं खुलें इसके लिए उन्हें जरुरी सुरक्षा व सुविधा मुहैया कराएंगे। गौरतलब है कि जिला मुख्यालय में एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक व ग्रामीण बैंक समेत तीन शाखाएं ही हैं।

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