शर्तों में नरमी नहीं हुई तो पेरिस जलवायु समझौते से खुद को बाहर रखेगा अमेरिका

मांट्रियल: पेरिस जलवायु समझौते को लेकर अमेरिका के रुख में नरमी आने की अटकलों को दरकिनार करते हुए व्हाइट हाउस ने इस बात पर जोर दिया है कि यदि समझौतों की शर्तों में नरमी नहीं लायी गयी तो वह इससे बाहर ही रहेगा. पेरिस जलवायु समझौते पर सहमति बनाने के लिए मांट्रियल में चल रही करीब 30 देशों के पर्यावरण मंत्रियों की बैठकों के बीच उक्त टिप्पणी आयी है. गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जून में देश को इस समझौते से बाहर कर दिया था. यूरोपीय संघ के जलवायु मामलों पर शीर्ष अधिकारी मिगुएल अरिआस कैनेटे ने बताया कि इस सम्मेलन में एक अमेरिकी पर्यवेक्षक शामिल हुए थे.

इसमें अमेरिका ने कहा था कि ‘वह पेरिस समझौते की शर्तों पर पुन:विचार नहीं करना चाहते हैं, बल्कि वह उन शर्तों की समीक्षा करना चाहते हैं जिसके तहत वे लोग इसमें शामिल हो सकें.’ उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ बैठक होगी ‘ताकि अमेरिका का वास्तविक रुख’ जाना जा सके. बहरहाल, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता साराह हकाबी सैंडर्स ने एक ई.मेल में कहा ‘पेरिस समझौते पर अमेरिका के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है.’ गौरतलब है कि दो महीने पहले जून में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेरिस समझौते से अलग होने की घोषणा की थी. अमेरिकी वैश्विक शोध संस्थान ‘वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट’ (डब्ल्यूआरआई) ने कहा था कि अमेरिका के इस कदम से अमेरिकी नागरिकों की जीवन की गुणवत्ता प्रभावित होगी.

अमेरिका का पेरिस समझौते से अलग होना ‘बड़ी गलती’ : रूस
रूस ने 6 अगस्त को अमेरिका के पेरिस समझौते से खुद को अलग करने के निर्णय को ‘बड़ी गलती’ करार देते हुए आलोचना की. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, प्राकृतिक संसाधन व पर्यावरण मंत्री सर्गेई दोंसकोई ने फेसबुक पर लिखा, “यह एक भयानक गलती है!!! राष्ट्रपति ट्रंप वास्तव में इस समझौते के सबसे महत्वपूर्ण सदस्य (अमेरिका) को अलग कर रहे हैं.” दोंसकोई ने कहा, “इतिहास के संदर्भ में अप्रत्याशित कुछ भी नहीं है. उन्होंने जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने के लिए हुए अंतर्राष्ट्रीय समझौते क्योटो प्रोटोकॉल से अमेरिका को वापस कर लिया था, वही दोहराया है.”

अमेरिका ने शुक्रवार (4 अगस्त) को संयुक्त राष्ट्र को औपचारिक रूप से जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते से वापसी के अपने फैसले की सूचना दी. ट्रंप ने हालांकि जून में ही समझौते को अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बताते हुए इससे अलग होने की बात कही थी. संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने शुक्रवार (4 अगस्त) रात संवाददाताओंसे कहा, “पेरिस समझौते से अमेरिका के अलग होने का निर्णय ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने और वैश्विक सुरक्षा को बढ़ावा देने के वैश्विक प्रयासों के बीच एक बड़ी निराशा है.

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