स्टेट बैंक ने घटाई लोन की ब्याज दरें, जानिए आपकी किस्त पर कितना असर पड़ा

अगर आप निश्चित दर लोन चुका रहे हैं तो आप चाहें तो एक एमसीएलआर-लिंक्ड लोन में ट्रांसफर कर सकते हैं, जिसमें आगे चलकर लाखों रुपये की बचत होने की संभावना है।

जनसत्ता ऑनलाइन

भारतीय स्टेट बैंक ने 10 महीने में पहली बार पूरी मैच्योरिटी में 5 बेसिस पॉइंट्स (बीपीएस) तक लोन दर (मार्जिनल कोस्ट बेस्ड लेंडिंग रेट्स या एमसीएलआर) कम किया है। इसलिए, नया एक साल का एमसीएलआर अब 7.95 प्रतिशत हो गया है। यह पहले 8 प्रतिशत था। एक नवंबर से होम लोन ब्याज दर 8.30% और ऑटो लोन 7.70% हो गई है।

बैंक और फाइनेंस इंस्टिट्यूट्स ब्याज दरों में लगातार कटौती कर रहे हैं। उन्होंने डिमोनेटाइजेशन अवधि के दौरान बड़ी तेजी से अपने लोन की ब्याज दरों में कटौती की थी।

अगर आप निश्चित दर लोन चुका रहे हैं तो आप चाहें तो एक एमसीएलआर-लिंक्ड लोन में ट्रांसफर कर सकते हैं, जिसमें आगे चलकर लाखों रुपये की बचत होने की संभावना है।

सस्ते लोन में करा लें ट्रांसफर

1 अप्रैल 2016 से दिए जाने वाले सभी नए अस्थायी दर बैंक लोन (फ्लोटिंग रेट बैंक लोन) एमसीएलआर से जुड़े हैं। यदि आप अपने लोन की ब्याज दर से खुश नहीं हैं तो आपके पास एक एमसीएलआर-लिंक्ड लोन में ट्रांसफर होने का ऑप्शन है। ये लोन आरबीआई के आदेश पर दर में कटौती के अनुसार अपनी ब्याज दरों को अपने आप रिसेट कर देते हैं। उदाहरण के लिए, हर छः महीने में ये दरें अपने आप रिसेट हो सकती हैं।

गिरती ब्याज दरों को देखते हुए, एमसीएलआर ग्राहकों के लिए काफी फायदेमंद साबित हुआ है। आप सबसे अच्छा सौदा पाने के लिए अपने बैंक में जाकर या अन्य बैंकों में जाकर भी एमसीएलआर-लिंक्ड लोन के बारे में जानकारी ले सकते हैं। अगर आप इसमें लोन शिफ्ट करेंगे तो आपको ट्रांसफर और लोन प्रोसेसिंग का चार्ज देना पड़ेगा। इसलिए आपको यह जरूर देख लेना चाहिए कि यह खर्च आपके ब्याज में होने वाली बचत से ज्यादा न हो। यदि आपका लोन एक एनबीएफसी में है तो आप बाहर से सस्ते लोन ढूंढ सकते हैं, या ऑनलाइन उपलब्ध तरह-तरह के विकल्पों की तुलना कर सकते हैं।

मूलधन का पहले भुगतान करें

यदि आप अपने लोन की ब्याज दर से खुश नहीं हैं तो ब्याज दर कम होने पर मूलधन का पहले भुगतान करने की योजना बनाएं। ब्याज दर नीचे जाते ही, मूलधन का पहले भुगतान करने से आपको अपने लोन बैलेंस को कम करने में काफी मदद मिलेगी। ज्यादा ब्याज दर पर पहले भुगतान करने की तुलना में यह अधिक फायदेमंद है।

पहले भुगतान से कितनी बचत होगी?
ऊपर दिए गए लोन उदाहरण में दो साल बाद लोन बैलेंस 24.07 लाख रुपये है। 20 साल में इसका वास्तविक ब्याज भुगतान 30.92 लाख रुपए था। मान लीजिए आपने 25वीं ईएमआई के साथ लोन के 10 फीसदी अर्थात् 2.40 लाख रुपये का पूर्व-भुगतान करने का टारगेट बनाया है। यदि आपने 9.5% ब्याज दर पर पूर्व-भुगतान किया तो आपका कुल ब्याज भुगतान, 22.44 लाख रुपये हो जाएगा, जिससे 8.48 लाख रुपये की बचत होगी। लेकिन, यदि आपने एमसीएलआर-लिंक्ड लोन की पहली ईएमआई के साथ उतनी ही रकम का पूर्व-भुगतान किया तो बचे हुए 18 साल के लिए आपका कुल ब्याज 16.83 लाख रुपये हो जाता है, जिससे फिर से 5.61 लाख रुपये की बचत होगी या वास्तविक ब्याज भुगतान योजना की दृष्टि से 14.09 लाख रुपये की बहुत बड़ी बचत होगी।

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