रेरा’ कानून लागू, अब कारपेट नहीं बिल्‍टअप एरिया के हिसाब से बिकेंगे घर

बिल्डर नहीं अब खरीदार बन गया है रियल इस्टेट का किंग. 9 साल के इंतजार के बाद आज से रीयल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट (रेरा) लागू हो गया. कानून पिछले साल मार्च में संसद में पास हुआ था. नए कानून के तहत अब खरीददार बिल्डर की मनमानी के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैैं. आरईआरए के लागू होने से हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में पारदर्शिता बढ़ेगी. लेकिन, इसे अब तक सिर्फ 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने ही लागू करने की अधिसूचना जारी की है.

शहरी आवास मंत्री वेंकैया नायडू ने नए कानून को रीयल एस्टेट के क्षेत्र में नई जान फूंकने वाला करार दिया. उन्होंने कहा है कि नया कानून बिल्डरों के गले पर फंदा नहीं है बल्कि इससे जो बदलाव आएगा उससे बिल्डरों को ज्यादा खरीदार मिलेंगे और ज्यादा खरीदार मिलने से बाजार तरक्की करेगा. उन्होंने कहा, ‘इस कानून के बाद खरीददार किंग बन जाएगा.’

साथ ही उन्होंने बताया कि सलेक्ट कमेटी की सिफारिश है कि बिल्डर को 50 फीसदी पैसा बैंक में जमा करना होगा, हमने उसे 70 फीसदी किया. सिफारिश सिर्फ रेजिडेंशियल के लिए थी, हमने इसमें कमर्शियल्स को भी शामिल किया था.

रेरा से खरीदारों को ये होंगे फायदे
– अब निर्माणाधीन प्रोजेक्ट को 3 महीने में नियामक प्राधिकरण में रजिस्टर्ड कराना होगा.
– जिन्हें कंपलीशन सर्टिफिकेट नहीं मिला वो प्रोजेक्ट भी इसमें आएंगे.
– रजिस्टर्ट प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी अब प्राधिकरण के पास होगी.
– अब कॉरपेट एरिया पर घर बेचे जाएंगे न कि बिल्ड-अप एरिया पर.
– कानून लागू करने वाले राज्य नियामक प्राधिकरण का गठन करेंगे.
– फिलहाल 13 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इसे लागू करने जा रहे हैं.
– वायदा पूरा न करने पर बिल्डर को 3 से 5 साल तक जेल हो सकती है.

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