अर्थव्यवस्था का जायजा लेंगे पीएम, आर्थिक विकास दर को बढ़ाने के विकल्पों पर होगी चर्चा

अर्थव्यवस्था की सुस्त पड़ती रफ्तार के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश की आर्थिक स्थिति का जायजा लेने को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। वित्त मंत्री अरुण जेटली और वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी इस बैठक में शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इसमें विकास दर को ऊपर उठाने और रोजगार के अवसर सृजित करने के उपायों पर चर्चा की जा सकती है। साथ ही वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के क्रियान्वयन में आ रही शुरुआती दिक्कतों और सरकार के राजस्व पर नोटबंदी के प्रभावों पर भी इस बैठक में चर्चा होने के आसार हैं। सूत्रों ने कहा कि इस बैठक में वित्त मंत्रालय के सभी विभागों के सचिव और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसमें अर्थव्यवस्था की गति बढ़ाने के विकल्पों पर विचार किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने यह बैठक ऐसे समय बुलाई है, जब हाल ही में आए सरकारी आंकड़ों में अर्थव्यवस्था की स्थिति काफी खराब दिखाई गई है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की विकास दर घटकर 5.7 फीसद रह गई है, जो बीते तीन साल में न्यूनतम है। बीते वित्त वर्ष की पहली तिमाही में विकास दर 7.9 प्रतिशत थी, जबकि चौथी तिमाही में यह 6.1 प्रतिशत थी। यानी आर्थिक विकास दर में लगातार गिरावट आ रही है। आर्थिक समीक्षा में अनुमान व्यक्त किया गया है कि गतिविधियों में सुस्ती के चलते विकास दर शायद साढ़े सात फीसद का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाए।

वहीं, निर्यात के मोर्चे पर भी सरकार को कोई खास सफलता हाथ नहीं लग रही है। निर्यात में अपेक्षानुरूप वृद्धि नहीं हो रही है। औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि की रफ्तार भी धीमी है। इसका नतीजा यह है कि चालू खाते का घाटा मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से जून के दौरान बढ़कर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 2.4 फीसद हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह अनुपात जीडीपी के 0.1 फीसद पर था। बैठक में जीएसटी नेटवर्क की खामियों व प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों से चालू वित्त वर्ष में आने वाले अनुमानित राजस्व की स्थिति पर भी चर्चा की उम्मीद है।

निर्यात क्षेत्र की समस्याओं पर समिति की बैठक
जीएसटी के क्रियान्वयन में निर्यातकों को आ रही समस्याओं का हल निकालने के लिए अधिकारियों की समिति की बैठक मंगलवार को होने जा रही है। राजस्व सचिव हसमुख अढिया की अध्यक्षता वाली इस समिति का गठन जीएसटी काउंसिल ने नौ सितंबर को हैदराबाद में हुई 21वीं बैठक में किया था। काउंसिल का कहना है कि अधिकारियों की यह समिति बैठक के बाद कुछ सिफारिशें कर सकती है। इस बैठक में आठ निर्यात प्रोत्साहन संघों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ वाणिज्य सचिव भी मौजूद रहेंगे।

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