PM मोदी से मिलते ही इस बढ़ई की बदल गई लाइफ, अब दूसरों को देते हैं रोजगार

नई दिल्ली । देश के प्रधानमंत्री से मिलने का सपना देश के हर नागरिक का होता है और लोग ऐसी मुलाकात को जीवनभर सहेज कर रखते हैं. लेकिन एक ऐसा शख्‍स भी है जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए चार साल मेहनत की और जब वह उनसे मिलकर लौटा तो उसका पूरा जीवन ही बदल गया.

कभी दूसरों की दुकानों पर दिहाड़ी मजदूर के रूप में बढ़ई का काम करने वाला शख्‍स आज न केवल एक जाना- पहचाना नाम बन चुका है बल्कि कम से कम 50 लोगों को रोजगार देने की तैयारी कर चुका है. इतना ही नहीं वह लकड़ी पर नक्‍काशी, एंटिक सामान बनाने के लिए युवाओं को निशुल्‍क प्रशिक्षण भी दे रहा है. ये शख्‍स हैं कानपुर के बर्रा स्थित जरौली के रहने वाले संदीप सोनी.

कानपुर में खुल रहा शोरूम, 50 लोगों को देंगे रोजगार

संदीप सोनी ने कानपुर के बर्रा में लकड़ी और फर्नीचर का शोरूम बनवाया है. देवी सरस्‍वती के नाम पर बनवाए गए इस शोरूम का उद्घाटन 7 मई 2017 को होने जा रहा है. संदीप बताते हैं कि इस शोरूम में फर्नीचर बेचने के साथ ही इन्‍हें बनाने वालों की एक टीम भी रहेगी. उन्‍होंने प्रशिक्षण के लिए वर्कशॉप भी खोली है. जिसमें युवा ट्रेनिंग ले रहे हैं. संदीप कहते हैं कि वह 2019 तक 50 लोगों को रोजगार देकर रहेंगे.

पुरस्‍कार से नहीं मेहनत से बढ़ो आगे

संदीप बताते हैं कि जब उन्‍होंने प्रधानमंत्री को गीता भेंट की तो उन्‍होंने कहा था ‘मैं तुम्‍हें पुरस्‍कार स्‍वरूप भी कुछ पैसा दे सकता हूं, लेकिन इससे तुम अपने व्‍यवसाय और हुनर को नहीं निखारोगे, इसलिए मैं तुम्‍हारे लिए एक करोड़ रुपये तक का लोन पास करा सकता हूं, ताकि तुम मेहनत और लगन से आगे बढ़ो और एक सफल उद्यमी बनो.’

मोदी को लकड़ी पर गीता लिखकर की थी भेंट

संदीप ने लकड़ी के 32 बोर्डों में लकड़ी के अक्षरों को काटकर उसमें गीता के 18 अध्यायों के 706 श्लोक लिख डाले. संदीप ने 2010 में यह गीता लिखना शुरू किया था. इसके बाद उनका एक ही सपना था कि वह इसे उस वक्‍त गुजरात के मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपे. संदीप कहते हैं कि यह और भी बेहतर हुआ कि मोदी प्रधानमंत्री बन गए और तब पीएमओ में कई बार पत्र भेजने के बाद 8 मार्च 2016 में उन्‍होंने गीता भेंट की.

मोदी ने किया था ट्वीट

संदीप सोनी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 मार्च 2016 को ट्वीट किया था. जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल भी हुआ था. इस ट्वीट में मोदी ने लिखा था कि संदीप सोनी ने उन्‍हें लकड़ी पर तैयार की गई नक्‍काशीदार गीता भेंट की है. वे उन्‍हें इसके लिए धन्‍यवाद देते हैं.

साथ ही उन्‍होंने संदीप को जीवन में आगे बढ़ने, अपने हुनर को तराशने और इस हुनर से अन्‍य युवाओं को भी कुशल बनाने का जीवन मंत्र दिया था.

कभी दूसरों की दुकान पर करते थे मजदूरी, अखबार भी बेचा

संदीप सोनी बेहद गरीब परिवार से आते हैं. अपनी विधवा मां, पत्‍नी और दो बच्‍चों के साथ रह रहे संदीप करीब दस सालों से दूसरों की दुकानों पर बढ़ई का काम कर रहे हैं. उन्‍होंने बताया कि सिर्फ मजदूरी से घर का खर्च नहीं चलता था लिहाजा और आमदनी के लिए वह सुबह-सुबह अखबार भी बांटने जाते थे. 2002 में पिता की कैंसर से मौत बाद दो बहनों की शादी सहित पूरे परिवार की जिम्‍मेदारी संदीप पर ही थी.

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