पाकिस्तान में खुदाई के दौरान निकली बुद्ध की 1700 साल पुरानी मूर्ति

पाकिस्तान के बारे में दुनिया के ज्यादातर लोगों के मनों में बनी धारणा भले ही धार्मिक रूप से कट्‌टर देश के रूप में है, लेकिन हाल ही की एक खोज के कारण वे अपनी छवि बदलने का प्रयास करता नजर आ रहा है। दरअसल खैबर-पख्तूनख्वाह में हरीपुट जिले के भामला खानपुर में खुदाई के दौरान 1700 साल पुरानी बुद्ध की मूर्ति मिली है। खास बात ये है कि ये लेटे हुए बुद्ध हैं। पाकिस्तान के पुरातत्तव विभाग का दावा है कि दुनिया में इस तरह की कोई दूसरी मूर्ति नहीं है। इस पर पाकिस्तान में विपक्षी नेता इमरान खान ने कहा कि इससे देश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

कैसे मिली मूर्ति
दरअसल दुनिया की नजर में अपनी छवि सुधारने के लिए पाकिस्तान में धार्मिक सौहार्द को बढ़ावा देने और पर्यटन को मजबूत बनाने के लिए प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इसी के तहत खुदाई के दौरान ये मूर्ति मिली है। 14 मीटर ऊंची ये मूर्ति कंजूर पत्थर से बनी हुई है। भामला के पुरातत्‍व और संग्रहालय विभाग के निदेशक अब्‍दुल सामद के अनुसार- ‘ये मूर्ति तीसरी शताब्दी की है और यह दुनिया की सबसे पुराने ध्‍यानमग्‍न बुद्ध के अवशेषों में है। उन्‍होंने बताया कि इसके साथ बौद्ध संस्कृति से संबंधित 500 और वस्तुएं इस खुदाई के दौरान मिली हैं।

सम्राट अशोक के साम्राज्य का हिस्सा रहा है क्षेत्र
बता दें, आज से 2300 साल पहले खैबर-पख्तूनख्वाह का ये क्षेत्र मौर्य सम्राट अशोक के साम्राज्य का हिस्सा रहा है और बौद्ध सभ्यता का केंद्र भी। इससे पहले इस प्राचीन बौद्ध स्‍थल की खोज पहली बार 1929 में हुई थी। अब 88 साल बाद फिर इसकी खुदाई की गई है। बुद्ध की इस मूर्ति को संभालकर रखा गया है। आम लोग भी इसे देख सकते हैं।

प्रयटकों को आकर्षित किया जा सकता है
पाकिस्तान में विपक्षी नेता व क्रिकेटर से राजनीतिज्ञ बने इमरान खान ने कहा कि इससे पाकिस्तान दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है। इस तरह की विश्व धरोहरों सहेजकर रखा जाना चाहिए। बता दें, पाकिस्तान से अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न की खबरें अक्सर मीडिया में रहती हैं। पाकिस्तान अपनी इस छवि को सुधारने का प्रयास कर रहा है। इसी साल की शुरुआत में पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने वहां के हिंदू मंदिर कटासराज में मरम्मत के कार्यों का उद्घघाटन किया था।

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