जाधव मामलाः कुलभूषण ने दायर की दया याचिका, भारत ने कहा- पाक सच्चाई नहीं बदल सकता

पाकिस्तान की सेना के मुताबिक यहां की सैन्य अदालत द्वारा जासूसी के मामले में फांसी की सजा पाए भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को क्षमा याचिका भेजी है। इंटर-सवर्सिेस पब्लिक रिलेशन (आईएसपीआर) ने एक बयान में दावा किया कि जाधव ने अपनी याचिका में पाकिस्तान में जासूसी, आतंकवादी और विध्वंसक गतिविधियों में अपनी संलिप्तता को स्वीकार किया है और जान माल के नुकसान के लिए पछतावा जताया है।

इसके जवाब में भारतीय विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देते हुए दया याचिका को संदिग्ध बताया है। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान की कार्रवाई में पारदर्शिता नहीं है। जाधव को राजनयिक मदद नहीं मिल रही है। भारत सरकार ने एक बार फिर पाकिस्तान द्वारा जाधव पर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया। जाधव द्वारा कथित दया याचिका का विवरण और परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं और यहां तक कि इसके अस्तित्व का तथ्य संदिग्ध है। भारत ने इस हफ्ते की शुरुआत में फिर से जाधव को कॉन्सलर एक्सेस की मांग की थी और उनके परिवार को वीजा का अनुरोध किया था।

भारत सरकार ने कहा कि गढ़े तथ्यों से वास्तविकता में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है, और इस तथ्य से इनकार नहीं किया जा सकता कि पाकिस्तान भारत और जाधव के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्व का उल्लंघन करता है। भारत आईसीजे में मामले को आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्प है, और विश्वास है कि पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे इन अनुचित कदमों से प्रभावित किए बिना न्याय किया जाएगा।

आईएसपीआर ने कहा कि अपने कृत्य के लिए माफी मांगते हुए उन्होंने सेना प्रमुख से अनुरोध किया है कि अनुकंपा के आधार पर उनकी जिंदगी बख्श दें। बयान में कहा गया है कि भारतीय नौसेना के सेवानिवत्त अधिकारी जाधव ने पहले सेना की अपीली अदालत में गुहार लगाई थी जिसे खारिज कर दिया गया। कानून के मुताबिक, जाधव क्षमादान के लिए चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ को अपील कर सकते हैं और खारिज किए जाने पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति के सामने गुहार लगा सकते हैं।

सेना ने एक दूसरा इकबालिया वीडियो भी जारी किया है जिसमें कथित तौर पर जाधव को आतंकवाद और जासूसी की गतिविधियों में शामिल होने की बात कबूल करते देखा जा सकता है। सेना ने कहा कि उसने वीडियो जारी किया है ताकि दुनिया जान ले कि भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ क्या किया है और क्या करता जा रहा है। भारत ने जाधव को सुनाई गई फांसी की सजा के खिलाफ आठ मई को अंतरराष्ट्रीय अदालत का रुख किया था। मामले में 18 मई को हुई सुनवाई में आईसीजे की 10 सदस्यीय पीठ ने जाधव की सजा पर रोक लगा दी।

RO-11436/55

11359/79

11363/40

Recommended For You

About the Author: india vani