राजस्थान में भी पहुंची हवा : 25 गांवों में किसानों ने खोला मोर्चा

टोंक। महाराष्ट्र से शुरू हुआ किसान आंदोलन मध्यप्रदेश को अपनी चपेट में लेने के बाद अब इसकी राजस्थान में भी सुगबुगाहट सुनाई दे रही है। किसान महापंचात की ओर से आज प्रदेश के गांवों को बंद करने की घोषणा के बाद सरकार की नींद हराम हो गई है।

महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा है​ कि, हमने मध्य प्रदेश के मंदसौर में मृतक किसानों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। रामपाल जाट ने बताया कि राजस्थान का किसान भी सरकार की नीतियों से त्रस्त हैं। उसे भी अपनी फसल को कम दामों कें बेचना पड़ रहा है, न प्याज के भाव मिल रहे हैं और न ही लहसुन का कोई ठिकाना है। अब किसान महापंचायत राजस्थान में भी किसानों को उनका हक दिलवाने के लिए चरणबंद रूप से आंदोलन करने जा रही है।

आज से किसान महापंचायत ने राजस्थान में अलग- अलग जगह गांव बंद की घोषणा कर दी है। प्रदेश में आज से सिलसिलेवार गांव बंद किए जाएंगे। दूध को गांव में ही बच्चों को पिलाया जाएगा। आज टोंक जिले के 25 गांव पुरी तरह से बंद रहेंगे। जहां से किसान अपनी कोई भी फसल, दुध और सब्जियां गांव के बाहर बेचने नहीं जायेंगे। जो भी सब्जियां ओर दुध खराब होने वाला होगा उसे या ​तो गांव के ही लोगों में बांट दिया जायेगा या फिर सड़क पर फैला दिया जायेगा।

हालांकी, अभी राजस्थान में किसान महापंचायत की और से ये आंदोलन पुरी तरह से शांतीपूर्वक करने के आहवाहन किया गया है, लेकिन 15 जून तक सरकार अगर नही मानती है तो इस आंदोलन की आगे की रूपरेखा भी बनायी जायेगी।

RO-11436/55

11359/79

11363/40

Recommended For You

About the Author: india vani