राष्ट्रीय महिला नीति : वैवाहिक विवादों का जल्द होगा निपटारा, लड़कियों को मुफ्त शिक्षा

नई दिल्ली। राष्ट्रीय महिला नीति के लिए अंतिम तौर पर तैयार मसौदे में सुझाव दिया गया है कि वैवाहिक विवादों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित कराया जाए। इसमें कहा गया है कि गरीब परिवार की लड़कियों को मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था हो और कामकाजी महिलाओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने कैबिनेट में रखने के लिए मसौदा प्रस्ताव भेज दिया है। नई नीति में अगले 15-20 वर्षों में महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए सरकार को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की अध्यक्षता में गठित मंत्रियों के समूह द्वारा दिए सुझावों को नई नीति में शामिल किया गया है। इसमें पूर्व के एक मसौदे से कुछ बातें ली गई हैं, जिनमें एकल महिला के लिए न्यूनतम आयकर, विवाह का अनिवार्य पंजीकरण और कार्यबल में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना शामिल है।

मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा जीओएम के अलावा हमने अन्य स्रोतों से भी परिवर्तनकारी विचार एकत्र किए। अध्ययन के बाद मसौदा नीति को अंतिम रूप दिया गया। उन्होंने कहा, ‘एक बार जब कैबिनेट से इसे मंजूरी मिल जाएगी तो विभिन्न संबद्ध मंत्रालयों को अपने-अपने संबंधित कानूनों में संशोधन करना होगा।

राष्ट्रीय महिला नीति में अंतिम बार संशोधन 2001 में हुआ था। नए मसौदे में मुख्य जोर कुटुम्ब न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित वैवाहिक विवादों के निपटारे और इनकी संख्या को कम करने पर दिया गया है।

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