कश्मीर घाटी में पिछले साल की तुलना में आधी हुई पत्थरबाजी की घटनाएं

नई दिल्ली। सीआरपीएफ के डायरेक्टर जनरल राजीव भटनागर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाएं साल 2016 की मुकाबले घटी हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों और जांच एजेंसियों द्वारा अलगाववादियों और अन्य लोगों के खिलाफ की गई प्रभावी कार्रवाई से घाटी में पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी आई है।

राजीव भटनागर ने कहा कि हमारी नई रणनीति के तहत इस साल पत्थरबाजी की 424 घटनाएं हुई हैं। यह पिछले साल की तुलना में आधे से भी कम है। साल 2016 में पत्थरबाजी की 1590 घटनाएं हुई थीं। उन्होंने कहा कि इसमें कई कारणों ने अहम भूमिका निभाई है। नए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर, भीड़ से निपटने की नई रणनीति, एनआईए जैसी संस्थाओं की ओर से की गई कार्रवाई और सुरक्षा बलों की ओर से किए गए ज्वाइंट ऑपरेशन जैसे कदम कारगर साबित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि हमने जम्मू-कश्मीर में हिंसक आंदोलन को अपने काम में बाधा नहीं बनने दिया। उन्होंने कहा कि इस साल सीआरपीएफ ने 75 आतंकियों को मार गिराया है, जबकि 252 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 118 हथियार बरामद किए गए हैं। राजीव ने कहा कि हमारा आकलन है कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति पहले से बेहतर हुई है।

भटनागर ने आगे कहा कि जम्मू और कश्मीर में अलगाववादियों और उनके ऑपरेटिव के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सीआरपीएफ और एनआईए मिलकर काम कर रही हैं। सीआरपीएफ ने ऑपरेशनों के दौरान हिंसक भीड़ पर भी काबू रखने में कामयाबी हासिल की है।

यूपी कैडर के 1983 बैच के आईपीएस अधिकारी ने कहा कि घायल हुए कर्मियों की संख्या भी पिछले वर्ष की तुलना में एक तिहाई हुई है। भटनागर ने कहा कि घाटी में आतंकवादी घटनाओं में भी कमी आई है और अमरनाथ यात्रा के बाकी हिस्से तक सुरक्षा अभ्यास में कुछ बदलाव आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कम घातक हथियारों जैसे पैलेट गन के इस्तेमाल से जवान और भीड़ कम ही घायल हुई है।

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