बिहार: पेट भरने के लिए माता-पिता ने बीच बाजार में लगा दी बेटे की बोली

कटिहार। सरकार गरीबों के विकास के लाख दावे कर ले लेकिन आर्थिक तंगी और पेट की आग के आगे इंसान अपने कोख से जन्मे मासूम की बोली लगाने को तैयार है। यह सब सुनने में कुछ अटपटा जरूर लग रहा होगा लेकिन यह सच हैं।

बिहार के कटिहार में गरीबी से जूझ रहा एक दंपति अपने चार माह के मासूम को चंद रुपये में बेचने के लिए बोली लगा रहा था कि बिकने से पहले लोगों की नजर पड़ गयी और वह बिकते-बिकते बच गया।

दरअसल, पूरा मामला जिले के नगर थाना के संग्राम चौक के समीप का है। यहां डंडखोरा थाना के भट्टाबाड़ी गांव के रहने वाले एक दंपति ने शहर पहुंच 40 हजार रुपये में अपने चार महीने के बेटे का सौदा स्थानीय पान दुकानदार से कर लिया। सौदा तय हो जाने पर उक्त पान दुकानदार बच्चे की खरीदगी के लिये पैसे के इंतजाम में लग गया।

इधर, दूसरी तरफ इस बात की भनक स्थानीय लोगों को लग गयी और इसकी सूचना लोगों ने स्थानीय थाने को दे दी। आनन-फानन में नगर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और पीड़ित मासूम समेत दंपति को थाने पर ले आयी और कागजी कोरम के पूरा करने के बाद मासूम को सदर अस्पताल में संचालित पोषण पुनर्वास में दाखिला करवाया।

मासूम बच्चे के पिता ने बताया कि उसके चार बच्चे हैं लेकिन रोजगार का अभाव और परिस्थिति ने कुछ इस तरह के हालात पैदा कर दिया है कि वह अपने कलेजे के टुकड़े को बेचने को मजबूर हो गया।

मासूम की मां ने बताया कि हमारा परिवार बांस के बने सूप और अन्य सामानों को बना बाजार में बेचता है लेकिन इस पेशा से इतने पैसे नहीं हो पाते कि बच्चे समेत छह लोगों के परिवार का दो जून का भोजन नसीब हो सके। यही कारण था कि हमलोगों ने इसे दूसरे गोद में बेचना उचित समझा ताकि बच्चे का सही परवरिश भी हो जाये और कुछ पैसा भी नसीब हो जाये ताकि कुछ दिनों तक परिवार की भूख मिट सके।

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