काशी को पर्यटन और परिवहन का हब बनाने की तैयारी में मोदी सरकार

नई दिल्ली। दुनिया के सबसे प्राचीन नगरों में से एक काशी का रेलवे स्टेशन आने वाले समय में परिवहन और पर्यटन का केंद्र बनने वाला है। इस दिशा में केंद्रीय परिवहन मंत्रालय और रेल मंत्रालय काम कर रहा है। सबकुछ ठीक रहा, तो इस छोटे से स्टेशन को विश्व स्तर का बनाने के साथ यहां सड़क और जल परिवहन के लिए भी समुचित व्यवस्था की जाएगी। परिवहन मंत्रालय ने एक कंसल्टेंसी को इसकी जिम्मेदारी दी है, जो सर्वे कर अपना रिपोर्ट देगी।

योजना आगे बढ़ी, तो मुगलसराय-वाराणसी रेलखंड पर पड़ने वाला करीब 9.5 एकड़ में फैला काशी रेलवे स्टेशन परिसर सारी सुविधाओं से लैस होगा। खास बात यह भी है कि महज 500 मीटर के रेंज में रेल, बस और जल परिवहन सेवा उपलब्ध रहेगी। हालांकि, यह योजना अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन इसे अमली जामा पहनाने के लिए तेजी से काम चल रहा है।

रेलवे स्टेशन को विकसित करने की योजना

योजना के मुताबिक रेलवे स्टेशन को विश्व स्तर का विकसित किया जाएगा। अभी यहां लोकल ट्रेनों के अलावा 4-5 एक्सप्रेस ट्रेनें ही रुकती हैं। विकसित होने के बाद यहां से गुजरने वाली सभी ट्रेनों का ठहराव किया जाएगा। इस स्टेशन पर सभी आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी।

बस टर्मिनल बनाने की भी योजना

केंद्रीय परिवहन मंत्रालय उत्तर प्रदेश सरकार और परिवहन विभाग से इस मुद्दे पर बात कर रहा है। शुरुआती चर्चा में लोकल बस संचालकों ने असमर्थता जताई है, लेकिन राज्य परिवहन विभाग यहां टर्मिनल बनाने पर सहमत होता दिखा है। ऐसे में सरकारी बसों का आवागमन यहां से होगा। यहां से चलने वाली बसें वाराणसी, गोरखपुर और आसपास के प्रमुख जगहों के लिए चलेंगी।

जल परिवहन से भी जुड़ेगा

काशी रेलवे स्टेशन की खास बात यह है कि गंगा नदी इसके बिल्कुल पास है। परिवहन विभाग बिहार के भागलपुर से पश्चिम बंगाल के हल्दिया के बीच जल परिवहन पर काम तेजी से कर रहा है। ऐसे में लोग आसानी से जल परिवहन का लुत्फ उठा सकते हैं। वाराणसी घूमने आने वाले पर्यटक भी वहां की भीड़भाड़ से बचने के लिए काशी उतरकर आसानी से आगे घूमने की योजना बना सकते हैं।

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