शहीद की पत्नी ने कहा, जबतक पूरा शरीर नहीं मिलेगा, नहीं होगा अंतिम संस्कार

कृष्णा घाटी में पाकिस्तानी सेना के बेवजह हमले में शहीद हुए नायब सुबेदार परमजीत सिंह की पत्नी ने कहा है कि जबतक पूरा शरीर नहीं मिलेगा, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। हालांकि शहीद की पत्नी ने कहा कि उन्हें अपने पति पर गर्व है और वह बेटे को भी सेना में भेंजेंगी। बता दें कि सोमवार को पाकिस्तान ने सीजफायर तोड़ा था और अचानक मोर्टार दागने शुरू कर दिए थे। बिना उकसाए हुए इस हमले में तरनतारन के परमजीत सिंह शहीद हो गए। साथ ही बीएसएफ में हेड कॉन्स्टेबल बलिया के प्रेम सागर भी शहीद हो गए। पाकिस्तानी सेना ने शहीदों के साथ बर्बरता की और शव को क्षत -विक्षत कर डाला। इसके बाद पूरे देश में रोष व्याप्त है। मंगलवार को शहीद परमजीत का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया गया।

ABP न्यूज की खबर के मुताबिक शहीद परमजीत सिंह ने कहा है कि उन्हें पति का पूरा शरीर चाहिए। इसके बगैर वह नहीं चाहती हैं कि अंतिम संस्कार हो। शहीद के भाई ने कहा कि उन्होंने जल्द ही अपना नया घर बनवाया था लेकिन वह कभी इस घर में प्रवेश नहीं कर पाए। वह बोले, ‘अब मेरे भाई का शव ही इस घर में प्रवेश कर पाएगा।’

पाकिस्तानी सेना के हमले में बलिया के प्रेम सागर भी शहीद हो गए थे। इससे पहले उनकी बेटी ने कहा कि पिता के बलिदान के बदले उन्हें पाकिस्तानी सैनिकों के 50 सिर चाहिए।

जनवरी से अबतक पाकिस्तान ने 65 बार सीजफायर तोड़ा है। सोमवार को पाकिस्तान ने फिर सीजफायर तोड़ा। अचानक बेवजह किए गए हमले में जवान परमजीत सिंह और प्रेम सागर शहीद हो गए। हमले के बाद भारतीय सेना ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया और पाकिस्तान की दो पोस्ट्स तबाह कर दीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बॉर्डर ऐक्शन टीम के जवान एलओसी क्रॉस करके 250 मीटर अंदर तक घुस आए और इस वारदात को अंजाम दिया। माना जाता है कि पाकिस्तान की BAT (Border Action Team) में आमतौर पर आतंकवादी और पाकिस्तानी सैनिक शामिल रहते हैं। पाकिस्तान की यह फोर्स बर्बरता के जरिए दोनों देशों के बीच एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तनाव बढ़ाने का काम करती रही है। यह टीम घात लगाकर गश्त कर रहे भारतीय जवानों को निशाना बनाती रही है। ये खास तौर पर सिर काटने में प्रशिक्षित होते हैं। बैट ने 2013 में भी इस तरह की घटना को अंजाम देते हुए मेंढर सेक्टर में एक शहीद सैनिक का सिर काट लिया था, जबकि दूसरे के शव को क्षत-विक्षत कर दिया था। बैट की इस बर्बर कार्रवाई का सेना ने भी उचित जवाब दिया था।

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