गुजरात पहुंचे मनमोहन ने मोदी को दिलाई गांधी की याद, पूछे 7 सख्त सवाल

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने मंगलवार को गुजरात में कांग्रेस के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. गुजरात चुनाव से पहले उन्होंने नोटबंदी और जीएसटी के लिए वर्तमान पीएम नरेंद्र मोदी को जमकर कोसा. उन्होंने महात्मा गांधी की याद दिलाते हुए कहा- मैं पीएम से पूछना चाहता हूं कि इतने बड़े फैसले लेने से पहले क्या उन्होंने गरीबों का हित सोचा.

मनमोहन ने मोदी से पूछे 7 कड़े सवाल

1. मनमोहन सिंह ने कहा- इस दुनिया ने 2 गुजराती ने दुनिया देखा है. एक महात्मा गांधी ने कहा था- दुनिया ने जब भी आप डाउट में रहें तो गरीब का चेहरा सोचें. अपने आप से (पीएम) पूछे- क्या ये उसे फायदा करेगा?

2. क्या ये फैसला भूखमरी को खत्म करेगा?

3. नोटबंदी पर साइन करने से पहले उन्होंने सोचा कि छोटे सेक्टर्स का क्या होगा?

4. जिनका रोजगार जाएगा उनके बारे में क्या पीएम ने सोचा?

5.GST और नोटबंदी के बारे में पूछने से आप (कोई भी शख्स) टैक्स चोर बन जाएंगे?

6. क्या बुलेट ट्रेन पर सवाल करना आपको डेवलपमेंट के खिलाफ वाला साबित कर देगा?

7. बुलेट ट्रेन लाने से पहले क्या मोदी ने हाई स्पीड ट्रेनों को लेकर रेलवे को अपग्रेड करने के बारे में सोचा?

1. चीन को मिल रहा फायदा

मनमोहन ने कहा- सूरत में हालात बहुत खराब नहीं, लेकिन असर बहुत बुरा पड़ा है. प्रोडक्शन प्रभावित हुआ है. वापी राजकोट जैसी जगहों पर असर पड़ा है. चीन इस हालात से फायदा पा रहा है.

2. जीएसटी ने उलझा दिया, टैक्स टेरिरिज्म बढ़ा

पूर्व पीएम ने कहा- हमारी सरकार की सोच टैक्स को सरल करना था. एक टैक्स लाकर, ताकि बिजनेसमैन सबका भला हो, पर इस जीएसटी में ऐसा कुछ नहीं है. इस सरकार ने हमारी संसद के भीतर और निजी मुकालतों में हुईं बातें नहीं सुनी. जीएसटी छोटे कारोबारियों के लिए बुरे सपना जैसा बन गया है. नोटबंदी की तरह ही जीएसटी को लेकर भी बार-बार नियम बदलने से दिक्कत बढ़ी है. इससे टैक्स टेरिरिज्म बढ़ा है.

3. ग्लोबल कंडीशन का फायदा नहीं उठा पाए

अर्थशास्त्र को लेकर दुनिया भर में लोहा मनवा चुके मनमोहन सिंह ने कहा, ग्लोबल कंडीशन अच्छा होने के बाद भी टैक्स टेरिरिज्म का डर बढ़ा है. 25 साल की ग्रोथ धीमी है. मुझे दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि केंद्र सरकार अपनी ड्यूटी निभाने में असफल रही है.

4. क्या पीएम ने गरीबों के बारे में सोचा?

पूर्व पीएम ने कहा- मैं पीएम से यही कहूंगा कि आरबीआई से डॉटेड लाइन पर साइन करने या नोटबंदी से पहले उन्होंने ऐसा सोचा? क्या उन्होंने इनफॉर्मल सेक्टर के लोगों के बारे में सोचा? रोजगार गंवाने वालों के बारे में सोचा? अगर पीएम ने महात्मा गांधी की बातों को ध्यान में रखा होता, तो गरीबों को इससे मुश्किल नहीं उठाना पड़ता.

5. मैंने गरीबी देखी है

मनमोहन सिंह ने कहा, मैंने पंजाब में गरीबी देखी है. पंजाब में बंटवारे का दंश झेला है. मेरे जीवन में कांग्रेस की नीतियां प्रभावकारी रहीं. हमने 140 मिलियन लोगों को गरीबी से निकाला. किसी सरकार ने ये अचीव नहीं किया था. उन्होंने कहा, नोटबंदी और जीएसटी दो बड़े धमाके थे, जो लाखों लोगों को गरीबी के दलदल में धकेल कर चले गए.

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