जनसनुवाई : कोई केरोसिन डालकर जलने पर उतारू, कोई पी रहा एसिड

इंदौर। सरकारी विभागों में समस्या का समाधान और काम न होने से परेशान लोग अब आपा खोते जा रहे हैं। मंगलवार को कलेक्टोरेट की जनसुनवाई में इसकी बानगी देखने को मिली। एक तरफ सीमांकन न होने से परेशान एक किसान ने खुद पर केरोसिन डालकर आग लगाने की कोशिश की।

दूसरी तरफ पुलिस कार्रवाई न होने से परेशान व्यक्ति एसिड पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाय गया। वहीं एक निजी स्कूल से बिना वजह नौकरी से निकाल दिए जाने से तनाव में आई महिला ने इच्छामृत्यु की अर्जी दी। इन मामलों में कहीं राजस्व विभाग, कहीं शिक्षा विभाग तो कहीं पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहे हैं।

केस-1: नोटबंदी के बाद आर्थिक तंगी से परेशान सुरेंद्र यादव ने अपने दो ट्रक खातेगांव के परिचित विशाल बाकलीवाल को चलाने के लिए दे दिए। इसमें बाकलीवाल का धुलिया का मित्र सचिन तिवारी भी शामिल था। बाद में बाकलीवाल ट्रक लौटाने को तैयार नहीं हुआ। यादव ने इसकी शिकायत सभी आला पुलिस अधिकारियों को की। पीएमओ और गृह मंत्रालय को भी शिकायत की, लेकिन कहीं से भी राहत नहीं मिली। मंगलवार को जनसुनवाई कक्ष के बाहर उसने एसिड पीकर जान देने की कोशिश की। किसी तरह उससे एसिड की बोतल छीनी गई। बाद में उसे एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया।

केस-2 : गवली पलासिया गांव के किसान मुकेश पांचाल अपनी जमीन के सीमांकन के लिए चार महीने से परेशान हो रहे हैं। किसान के खेत पर जाने का रास्ता भी नहीं है। इस कारण वह ज्यादा मुश्किल में है। बताया जाता है कि एक सप्ताह पहले सीमांकन तो हो चुका है लेकिन राजस्व अधिकारियों ने पाइंट नहीं लगाए हैं। मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर उसने खुद पर केरोसिन उड़ेलकर आग लगाने की कोशिश की। कर्मचारियों ने उससे माचिस छीनकर उसे कक्ष से बाहर किया। प्रभारी कलेक्टर शमीमुद्दीन ने इस बारे में एएसएलआर अनिल मेहता से स्पष्टीकरण मांगा है। – See more at:

केस-3: महिला कल्पना देवड़ा खालसा स्कूल में कर्मचारी होने के साथ ही खालसा लॉ कॉलेज में लाइब्रेरियन का काम भी देखती थीं। कल्पना का आरोप है कि उन्होंने कॉलेज में एक गबन को उजागर किया तो इसके बाद से उन्हें प्रताड़ित किया जाने लगा और वर्ष 2014 में बिना कारण बताए नौकरी से निकाल दिया। उनकी पीएफ की राशि का भी निराकरण नहीं हो पा रहा है। ढाई साल से जिला शिक्षा अधिकारी के पास और डेढ़ साल से जनसुनवाई में प्रकरण लंबित है। महिला ने मंगलवार को जनसुनवाई में आवेदन दिया कि वह डिप्रेशन में है। या तो प्रकरण का निराकरण किया जाए या उसे इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए।

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