मंदसौर में घायल किसान को अज्ञात बता भर्ती कराया, मौत होने पर भागा सिपाही

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पुलिस लाठीचार्ज से घायल जिस किसान घनश्याम धाकड़ की मौत एमवायएच में हुई है, उसे सिपाही अजय रावत मंदसौर से लेकर आया था। जब अस्पताल प्रबंधन ने नाम-पता पूछा तो उसने अज्ञात बताया। लाने के कारण के बारे में जब उससे पूछताछ की तो उसने बीमारी कारण बताया था। डॉक्टर ने जब उसे मृत घोषित किया तो रावत शव छोड़कर गायब हो गया।

मंदसौर जिले के बड़वन गांव में रहने वाले 25 वर्षीय किसान घनश्याम धाकड़ को भाव नगर की पुलिस लेकर आई थी। उसके बयान भी नहीं हो पाए। जांच में पता चला कि पुलिस की लाठीचार्ज में घनश्याम घायल हुआ था। उसके शरीर पर डंडों के निशान भी थे। जीजा का आरोप है कि पुलिस ने कस्टडी में लेकर घनश्याम को इतना पीटा कि मार डाला।

टीआई-कांग्रेस नेताओं में नोक-झोंक

सुबह जब कांग्रेस नेताओं को पता चला कि किसान की मौत हुई है तो वे अस्पताल पहुंचे। इनमें पूर्व सांसद सज्जन सिंह वर्मा, पूर्व विधायक अश्विन जोशी, तुलसी सिलावट, शहर अध्यक्ष प्रमोद टंडन व प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा सहित अन्य लोग थे। इधर हंगामे के डर से पहले ही पोस्ट मार्टम कक्ष के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। पूर्व विधायक जोशी जब घनश्याम के परिजन से मिल रहे थे तो पुलिस ने आपत्ति ली।

संयोगितागंज टीआई मंजु यादव ने परिजन कहा कि पुलिस को ही सब करना है। नेताओं से दूर रहें तो जोशी भड़क गए। उन्होंने टीआई को समझाइश दी कि यह गलत है। किसी को बोलने से रोकना, यानी एक तरह से लोकतंत्र पर हमला है, जो भी बात हो, वह परिजन व मीडिया के सामने की जाए। स्थिति बिगड़ती देख एएसपी बिट्टू सहगल ने टीआई को रवाना किया। जब कांग्रेस नेता कैंपस से बाहर निकले तो पुलिस ने उसे बंद कर दिया।

पुलिस ने मौत के साढ़े तीन घंटे बाद दी सूचना

घनश्याम के परिवार से पिता दुर्गालाल धाकड़, पत्नी रेखा, भाई राहुल, जीजा हीरालाल, दोस्त उमाशंकर और सूरज धाकड़ शुक्रवार सुबह एमवाय अस्पताल पहुंचे। दुर्गालाल ने बताया कि गुरुवार सुबह साढ़े 9 बजे घनश्याम घर से निकला था। वह दतोदा में किसान रैली में शामिल होने जा रहा था। शाम को गांव के लोग और उसके साथी घर लौट आए। जब वह नहीं आया तो लोगों से पूछताछ की। तड़के 4 बजे दो पुलिसवाले घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि तुम्हारा बेटा इंदौर के अस्पताल में भर्ती है। सुबह एमवाय अस्पताल पहुंचे तो बेटे की मौत की खबर मिली।

डेढ़ माह पहले बना था पिता

परिजन ने बताया कि घनश्याम का एक बेटा व बेटी है। डेढ़ माह पहले ही बेटे का जन्म हुआ था।

एक को मार दिया बाकी तीन किसान कहां हैं?

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि घनश्याम के साथ उसके गांव के तीन किसान गणेश मालवीय, विनोद मालवीय व शिवचरण मालवीय लाठी चार्ज के बाद से गायब हैं। घनश्याम का तो शव मिल गया, लेकिन ये तीनों कहां हैं। अभी तक कोई नहीं बता रहा। इधर पोस्ट मार्टम के बाद जब शव ले जाया जा रहा था, तब भी कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में पुलिस सुरक्षा में परिजन के साथ शव बड़कुन गांव रवाना कर दिया गया।

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