लड़कियों पर चढ़ा रफ्तार के रोमांच का पैशन

राइडर मेनिया गोआ का हिस्सा बन चुकी विम्मी माटा को स्कूल के दिनों से ही बाइक राइडिंग का शौक है। घर से स्कूल-कॉलेज की ज्यादा दूरी और ऑटोमेटिक स्कूटर का घर में नहीं होना जरूरत के साथ शौक में तब्दिल हो गया। विम्मी बताती हैं कि परिवार ने मुझे बेटे के समान ही दर्जा दिया तो कभी यह बात आई ही नहीं कि मैं बाइक न चलाऊं। धीरे-धीरे यह शौक बढ़ता गया और राइडिंग क्लब के साथ मैंने राइडिंग इवेंट में भी भाग लेना शुरू कर दिया। फिलहाल बच्चों के साथ बाइक तो नहीं चला पा रही पर राइडिंग का शौक फोर व्हीलर के जरिए जरूर पूरा कर रही हूं।

शहर की बुलेट राइडर विम्मी माटा की तरह और भी ऐसी लड़कियां हैं जो न केवल बाइक या फोर व्हीलर राइडिंग का शौक रखती हैं बल्कि विभिन्न स्पर्धाओं में भी भाग ले रही हैं। हांलाकि पुरुषों की तुलना में अभी भी इनकी संख्या और उपलब्धियां कम है लेकिन मेल राइडर्स को टक्कर देने की शानदार कोशिश पूरी रहती है। हाल ही में शहर में हुई ऑफ रोड मोटर एक्टिविटी में इसका उदाहरण प्रत्यक्ष मिल गया। जिसमें महिला राइडर्स ने भाग भी लिया।

वक्त पड़ने पर न रहें किसी पर निर्भर

इंजीनियरिंग कर चुकी निलेश्वरी सांखला को स्कूटी, एक्टिवा जैसे गाड़ियों से ज्यादा बाइक चलाना पसंद है। निलेश्वरी का मानना है कि हरेक व्यक्ति को सभी गाड़ियां चलाते आना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर किसी पर निर्भर न रहना पड़े। वे बताती हैं कि जब कोई कहता था कि लड़कियों के लिए बाइक या हेवी व्हीकल चलाना मुश्किल काम है तो मुझे यह अच्छा नहीं लगता था। मैं यह बताना चाहती हूं कि वाहन चलाना कोई बड़ा काम नहीं।

बदल जाता है औरों का नजरिया

सताक्षी शर्मा को ओपन जीप चलाने का बहुत शौक है। वे कहती हैं कि इस तरह की गाड़ियां चलाने से एडवेंचर एक्टिविटी का शौक भी पूरा होता है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। यदि इस तरह की गाड़ियां चलाने पर औरों का भी आपके प्रति नजरिया और रवैया बदलता है।

चार साल में 8 पर पहुंची संख्या

शहर में हाल ही में हुई राइडिंग एक्टिविटी में भी महिला राइडर्स ने भाग लिया था। मालवा मोटर स्पोर्ट्सके अफजल बंग्लोवाला के अनुसार शहर में चार साल पहले हुए राइडिंग इवेंट में जहां एक भी महिला शामिल नहीं थी वहीं गत वर्ष यह आंकडा 8 पर पहुंच गया। अगामी महिनों में शहर में होने वाले राइडिंग के बड़े इवेंट के लिए महिला राइडर्स ने रजिस्ट्रेशन कराना अभी से आरंभ कर दिए हैं। अनुभान लगाया जा रहा है कि इस बार यह संख्या 10 पर पहुंच जाएगी।

पुरुषों को दे रही हैं टक्कर

एनफिल्ड पायरेट्स क्लब के राहुल डे सरकार के बताते हैं कि मेल राइडर्स के साथ फिमेल राइडर्स भी न केवल स्पर्धाओं का हिस्सा बन रही हैं बल्कि बराबरी से टक्कर भी दे रही हैं। जो महिलाऐं राइड नहीं करती वे भी आयोजन में शरीक होती हैं और बाइक या फोर व्हीलर में सवार होकर साथी का उत्साह वर्धन भी करती हैं। यह बात सच है कि महिलाएं किन्हीं कारणों से लंबे वक्त तक सतत रूप से इस तरह की एडवेंचर एक्टिविटी नहीं कर पाती लेकिन अल्पविराम के बाद वे दुबारा उसी ऊर्जा से इनका हिस्सा बनती हैं।

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