मनाया गया वेंटिलेटर का बर्थडे, जिसने अब तक बचाई 1100 बच्‍चों की जान

इंदौर। बच्चों का जन्मदिन मनाना तो आम बात है लेकिन बच्चों को जीवन देने वाली मशीन का जन्मदिन मनाना थोड़ा आश्चर्यजनक लगता है। गुरुवार को एमवाय अस्पताल में वेंटिलेटर (जीवनरक्षक) का जन्मदिन मनाया गया। समारोह में वे सभी दानदाता बतौर मेहमान शामिल हुए जिन्होंने इसे खरीदने में सहयोग दिया था।

बीते साल 10 अगस्त को एमवायएच के बच्चों के आईसीयू में सहायता और परपीड़ाहर संस्था ने वेंटिलेटर दान किया था। इससे अब तक लगभग 1100 नवजातों को जीवन मिल चुका है। गुरुवार को केक काटकर इस वेंटिलेटर की लंबी सेवाओं के लिए प्रार्थना की गई।

दरअसल इस मशीन को 9 लाख 75 हजार रुपए में खरीदा गया था। इसके लिए डेढ़ सौ दानदाताओं ने राशि जुटाई थी। सहायता संस्था के राधेश्याम साबू ने बताया कि सहयोग राशि जुटाने में किसी ने 500 रुपए तो किसी ने एक लाख रुपए तक का सहयोग किया था। समारोह में बीएल सुराना, बीके मेहता, सुशील श्रीवास्तव, मोहित गर्ग, अमित यादव, अमित सिकरवाल आदि मौजूद थे।

रोज 8 से 10 गंभीर बच्चे

गौरतलब है कि एमवाय अस्पताल में हर रोज 8 से 10 बच्चों की गंभीर स्थिति में भर्ती किया जाता है। वेंटिलेटर के अभाव में पहले बच्चों को हाथ से अंबू पंपिंग कर सांसें दी जाती थीं। परिजन चौबीस-चौबीस घंटे पंपिंग करते थे। इसमें बच्चों के दम तोड़ने का प्रतिशत भी काफी ज्यादा था। हालांकि अस्पताल में अभी भी और वेंटिलेटर की जरूरत है। लंबे समय से पीडियाट्रिक विभाग प्रशासन से मांग कर रहा है।

पथरी के मरीजों को भी मिलेगी राहत

सहायता संस्था द्वारा बीते दस सालों से एमवायएच में भर्ती मरीजों की दवा से लेकर मशीनों तक की जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। गुरुवार को पथरी के मरीजों की परेशानी कम करने के लिए दानदाताओं ने आधुनिक न्यूमैटिक लिथोट्रिप्सी मशीन दान की। 65 हजार रुपए की इस मशीन से दूरबीन पद्धति के जरिये पथरी निकाली जा सकती है। इससे मरीजों को दर्द से छुटकारा तो मिलेगा ही, दो दिन में अस्पताल से छुट्टी भी हो जाएगी। इस मौके पर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आरके माथुर, डॉ. अरविंद घनघोरिया, डॉ. सुमित शुक्ला, डॉ. बृजेश लाहोटी मौजूद थे।

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