बोर्ड परीक्षा में नंबर जोड़ने में गड़बड़ी पर 36 हजार रुपए जुर्माना

गुना। बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियां जांचने में लापरवाही करने वाले शिक्षकों के खिलाफ पहली बार माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कार्रवाई की है। बोर्ड की परीक्षा में जिन छात्रों ने नंबर कम आने पर री-टोटलिंग के लिए आवेदन किया था, उनमें से अधिकतर के नंबर बढ़ गए। जाहिर है शिक्षकों ने कॉपी जांचने में लापरवाही की। इस गलती पर जिले के 33 शिक्षकों पर 36 हजार रुपए की पेनाल्टी लगाई गई है। इसमें 12 परीक्षक, 12 उप परीक्षक और 9 मुख्य परीक्षक शामिल हैं।

सूत्रों ने बताया कि गुना जिले में अन्य दूसरे जिलों की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिका जांची गई थीं। मगर जब छात्रों को लगा कि उन्हें कुछ विषयों में उम्मीद से कम नंबर मिले हैं तो उन्होंने री-टोटलिंग कराई। इसमें छात्रों के नंबर बढ़ गए।

बोर्ड ने मूल्यांकनकर्ताओं की लापरवाही मानते हुए पेनाल्टी लगाई है। इसमें परीक्षार्थी का एक अंक कम होने पर 100 रुपए पेनाल्टी लगाई जाती है। इसके तहत जिले के 33 मूल्यांकनकर्ताओं पर 36 हजार रुपए की पेनाल्टी लगाई गई है। इतना ही नहीं, गलती होने पर मूल्यांकनकर्ताओं से बोर्ड के अधिकारियों ने सीधा संवाद भी किया।

री-टोटलिंग से पकड़ में आई लापरवाही

जिले में 413 मूल्यांकनकर्ताओं से बोर्ड परीक्षाओं की कांपियां चेक कराई गई थीं, जिन्हें लगभग 38 लाख रुपए का भुगतान किया गया। इसमें 56 मुख्य और उप परीक्षक भी शामिल हैं। गुना जिले में माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड के निर्देश पर प्रदेश के अन्य जिलों की कॉपियां भी जांची गईं। लेकिन जिले के 33 मूल्यांकनकर्ता ऐसे थे, जिन्होंने कापियां जांचने में लापरवाही बरती। इस पर बोर्ड द्वारा 36 हजार स्र्पए की पेनाल्टी लगाई।

यह है कॉपी जांचने का गणित

जिले के मूल्यांकनकर्ताओं को दूसरे दो जिलों की कॉपियां जांचने की जिम्मेदारी मिली। बोर्ड परीक्षा की गोपनीयता को देखते हुए जिलों के नाम नहीं प्रकाशित किए जा रहे हैं। मूल्यांकनकर्ता प्रभारी ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल हाईस्कूल की एक कॉपी जांचने के लिए मूल्यांकनकर्ता को 11 रुपए का भुगतान करता है। इसी प्रकार हायर सेकंडरी स्कूल की परीक्षा की एक कॉपी जांचने पर 12 रुपए का भुगतान किया जाता है। यह भुगतान माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल के माध्यम से किया जाता है।

ऐसे सामने पकड़ी जाती है गलती

परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद परीक्षार्थियों की उम्मीद से कम अंक आने पर माध्यमिक शिक्षा मंडल की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन मंगाए जाते हैं। आवेदन आने के बाद बोर्ड री-टोटलिंग के आवेदन वाले स्टूडेंट्स की सूची मूल्यांकन केंद्रों में भेज दी जाती है। इसके बाद री-टोटलिंग टीम लिस्ट में आए प्रकरणों की जांच करती है। इसकी जांच करने पर फिर री-टोटलिंग की जाती है। इसमें नंबर बढ़ने पर मूल्यांकनकर्ताओं पर पेनाल्टी की कार्रवाई की जाती है।

इनका कहना है

मूल्यांकनकर्ताओं पर पेनाल्टी की है। इसमें 33 मूल्यांकनकर्ताओं पर 36 हजार 800 रुपए पेनाल्टी लगाई गई है। हालांकि, जिले में गंभीर मामले नहीं आए हैं, जिससे मूल्यांकनकर्ताओं को इस कार्य से पृथक किया जाए। जबकि मूल्यांकन केंद्र में समय सीमा से पहले दो जिलों की कॉपियां जांची गई। इसके बाद एक अन्य संभाग की कॉपियां भी जांची गई

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