सोने के गहने बनवाना होगा सस्ता, जीएसटी काउंसिल ने कम किया मेकिंग चार्ज

नई दिल्ली। सरकार ने रोजगार देने वाले टेक्सटाइल, डायमंड कटिंग एंड पॉलिशिंग और ज्वैलरी उद्योग को जॉब वर्क सेवाओं पर प्रस्तावित जीएसटी की दरों में कटौती कर बड़ी राहत दी है। इन दोनों क्षेत्रों में काफी काम जॉब वर्क के रूप में ही होता है। जीएसटी की काउंसिल की श्रीनगर में हुई बैठक में जॉब वर्क सेवाओं पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाने का फैसला किया गया था। अब इसे घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है। दूसरी खास बात यह है कि जीएसटी जमा करने की जिम्मेदारी जॉब वर्क करने वाले की नहीं होगी, बल्कि मैन्यूफैक्चरिंग करने वाली यूनिट को रिवर्स चार्ज के आधार पर इसका भुगतान करना होगा। पांच प्रतिशत का यह जीएसटी जॉब वर्क की सेवा के रूप में वसूले गए चार्ज पर लगेगा। इससे इस क्षेत्र में नौकरियां बढ़ेंगी, बल्कि जॉब वर्क का काम करने वाले मजदूरों को भी राहत मिलेगी।

काउंसिल की अगली बैठक रविवार को
काउंसिल की अगली बैठक अब 18 जून को होगी। इसमें लॉटरी पर प्रस्तावित टैक्स की दरें तथा एंटी प्रॉफिटियरिंग क्लॉज यानी मुनाफाखोरी रोकने संबंधी अनुच्छेद के बारे में भी चर्चा होगी।

जुगाड़ से लागू नहीं करें जीएसटी
जीएसटी को किसी ‘जुगाड़’ के जरिये लागू नहीं होना चाहिए। इसके बजाय नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली पर अमल को एक माह के लिए टाला जाना चाहिए। पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्र ने रविवार को यह बात कही। वह यहां जीएसटी काउंसिल की बैठक में भाग लेने आए थे। मित्र ने कहा कि पश्चिम बंगाल जीएसटी का क्रियान्वयन चाहने वाले राज्यों में आगे रहा है। लेकिन यह कर प्रणाली ऐसी हो कि आम जनता और छोटे कारोबारियों को इसका फायदा हो। इसीलिए काउंसिल की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया कि पहली जुलाई से जीएसटी लागू करना बहुत मुश्किल लग रहा है। सबसे बड़ा वित्तीय सुधार कहे जाने वाले जीएसटी के लिए आप कोई जुगाड़ नहीं कर सकते। छोटे कारोबारियों को एक स्प्रेडशीट भरनी होगी, जो बाद में सॉफ्टवेयर प्रक्रिया में जाएगी। इसका प्रारूप इस महीने के आखिर तक आएगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी की एक और बैठक 18 जून को होनी है। इसमें तैयारियों का आकलन होगा।

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