पहली छमाही में सरकार को 15.8% ज्यादा डायरेक्ट टैक्स

इस साल अप्रैल से सितंबर के बीच डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 15.8 पर्सेंट बढ़कर 3.86 लाख करोड़ रुपये हो गया। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने कहा कि इसकी वजह एडवांस टैक्स कलेक्शन में आई तेज उछाल रही है। मिनिस्ट्री की तरफ से बुधवार को जारी प्रोविजनल डेटा के मुताबिक, पर्सनल एडवांस टैक्स कलेक्शन 30 पर्सेंट से ज्यादा बढ़ा।

मौजूदा फिस्कल ईयर की पहली छमाही में नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 9.8 लाख करोड़ रुपये के बजट अनुमान का 39.4 पर्सेंट रहा है। सितंबर तक 1.77 लाख करोड़ रुपये का एडवांस टैक्स कलेक्शन हुआ, जो पिछले साल से 11.5 पर्सेंट ज्यादा है। एडवांस कॉरपोरेट इनकम टैक्स में 8.1 पर्सेंट बढ़ोतरी हुई, जबकि एडवांस पर्सनल इनकम टैक्स ग्रोथ 30.1 पर्सेंट रही।

इस साल अप्रैल से सितंबर के बीच 79,660 लाख करोड़ रुपये का रिफंड दिया गया। इस तरह, अप्रैल से सितंबर के बीच रिफंड एडजस्टमेंट बिना ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 10.3 पर्सेंट बढ़ोतरी के साथ 4.66 लाख करोड़ रुपये हो गया।

इधर, 45.99 लाख से ज्यादा कारोबारियों ने जुलाई का फाइनल जीएसटी रिटर्न फाइल किया है और जीएसटीएन पोर्टल पर 33 करोड़ से ज्यादा इनवॉयस प्रोसेस हो चुके हैं। जीएसटीएन नेटवर्क ने अपने बयान में कहा है कि मंगलवार तक 45,99,113 टैक्सपेयर्स ने अपना सेल्स रिटर्न यानी जीएसटीआर-1 भर दिया था। रिटर्न फॉर्म फाइल करने की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर थी।

यह जुलार्इ के लिए जीएसटीआर 3बी फॉर्म में फाइल किए गए शुरुआती 54.78 लाख रिटर्न से बहुत कम है। अगस्त के लिए 47.12 कारोबारियों ने मंगलवार तक GSTR-3B दाखिल किया था। जुलाई का GSTR-2 यानी परचेज रिटर्न 11-31 अक्टूबर के बीच भरा जाना है। GSTR-1 और GSTR-2 का मिलान GSTR-3 से किया जाएगा जिसको 10 नवंबर तक फाइल करना होगा। जुलाई के GSTR-1 के साथ 33 करोड़ इनवॉयस फाइल और प्रोसेस किए गए थे। इनमें से ज्यादातर यानी 24.2 करोड़ इनवॉयस जीएसटीएन के डिवेलप किए ऑफलाइन टू के जरिए अपलोड किए गए थे जबकि टैक्सपेयर्स ने 3.26 करोड़ एनवॉयस ऑनलाइन फाइल किए हैं।

लगभग 5.56 करोड़ इनवॉयस के डेटा जीएसटी सुविधा प्रोवाइडर्स के जरिए आए हैं। सरकार जुलाई में जीएसटी के जरिए पहले ही 95000 करोड़ रुपये जमा कर चुकी है। नया इनडायरेक्ट टैक्स सिस्टम 1 जुलाई 2017 को देशभर में लागू किया गया था।

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