तीन साल में सबसे महंगा हुआ पेट्रोल, दो महीने में 6 रुपए बढ़ी कीमत

रोजाना डीजल -पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से यूं तो ग्राहकों को फायदा होने का दावा किया गया था, लेकिन ऐसा लग नहीं रहा है कि इससे ग्राहकों को कोई फायदा हो रहा है. बीते 59 दिनों के दौरान प्रतिदिन बढ़ती-घटती कीमतों के नए नियम से पेट्रोल की कीमत एक बार फिर 2014 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है.

एक जुलाई से अब तक दिल्ली में पेट्रोल के दाम 6 रुपए और डीजल के दाम 3.69 रुपए प्रति लीटर बढ़ चुके हैं. मंगलवार को दिल्ली में पेट्रोल का भाव 69.09 रुपए प्रति लीटर हो गया. जबकि, एक जुलाई को पेट्रोल के रेट्स 69.09 रुपए प्रति लीटर थे.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें ग्लोबल बाजारों में पेट्रोल के रेट्स, क्रूड और डॉलर-रुपए की चाल पर निर्भर करते हैं. आपको बता दें कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 16 जून से 15 साल पुरानी व्यवस्था को छोड़ रोजाना कीमतों की समीक्षा व्यवस्था लागू की है.

डीजल हुआ 3.69 रुपए महंगा

आईओसी की वेबसाइट पर जारी रेट्स के मुताबिक एक जुलाई से अब तक डीजल की कीमतें 3.69 रुपए बढ़ गई हैं. पिछले 59 दिन में डीजल के दाम 53.33 रुपए प्रति लीटर से बढ़कर 57.02 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं.

पेट्रोल-डीजल के रेट्स इन आधार पर होते हैं तय
एनर्जी एक्सपर्ट्स नरेंद्र तनेजा ने न्यूज18 हिंदी को बताया कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां तीन आधार पर पेट्रोल और डीजल के रेट्स तय करती हैं. पहला इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड (कच्चे तेल का भाव). दूसरा देश में इंपोर्ट (आयात) करते वक्त भारतीय रुपए की डॉलर के मुकाबले कीमत. इसके अलावा तीसरा आधार इंटरनेशनल मार्केट में पेट्रोल-डीजल के क्या भाव हैं.

इंटरनेशनल मार्केट में अगर क्रूड की कीमतों पर नजर डालें तो जुलाई में अभी तक ब्रेंड क्रूड के दाम 5 फीसदी बढ़ चुके हैं. वहीं, इस दौरान एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 71 पैसे मजबूत हुआ है.

इसलिए 15 साल पुरानी व्यवस्था को बदला
सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पहले महीने की 15 और 30 तारीख को पेट्रोल-डीजल की कीमतों की समीक्षा किया करती थीं, लेकिन कंपनियों ने 15 साल पुरानी इस पुरानी व्यवस्था को छोड़ रोजाना समीक्षा को अपनाया ताकि ईंधन की लागत में होने वाले अंतर का तत्काल पता लगाया जा सके.

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