कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग आज, राहुल के पार्टी अध्यक्ष बनने पर लगेगी मुहर

नई दिल्ली.सोनिया गांधी के आवास 10, जनपथ पर सोमवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग होगी। इसी दिन कांग्रेस प्रेसिडेंट के चुनाव की तारीख तय हो सकती हैं। शनिवार को सीनियर कांग्रेस नेता जनार्दन द्विवेदी ने कहा, “अगर प्रेसिडेंट पोस्ट के लिए केवल एक नॉमिनेशन फाइल हुआ तो नॉमिनेशन वापस लेने की तारीख को ही प्रेसिडेंट के लिए चुने गए शख्स के नाम का एलान कर दिया जाएगा।”
गुजरात चुनाव के पहले फेज के पहले पूरी हो सकती है प्रोसेस
– जानकारों की मानें तो अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी के एकमात्र उम्मीदवार होने की संभावना है। चुनाव आयोग द्वारा दी गई मोहलत के तहत पार्टी को 31 दिसंबर तक अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया पूरी करनी है। लेकिन सूत्रों के अनुसार 9 दिसंबर को गुजरात में प्रथम चरण की वोटिंग से पहले यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
– पार्टी नेताओं ने कहा कि अध्यक्ष के चुनाव कार्यक्रम को मंजूरी देने के लिए वर्किंग कमेटी की बैठक जरूरी नहीं है, लेकिन सोनिया ने पार्टी से जुड़े फैसले लेने वाली सर्वोच्च संस्था से ही इसकी मंजूरी लेने का फैसला किया है।
राहुल ने कहा था- जिम्मेदारी लेने को तैयार
– 6 नवंबर को हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी में राहुल गांधी को प्रेसिडेंट बनाने की सिफारिश की गई थी।
– राहुल गांधी के उपाध्यक्ष बनने के करीब चार साल बाद पहली बार कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने एक सुर से उन्हें पार्टी प्रेसिडेंट बनाने की सिफारिश की थी। CWC की मीटिंग में नेताओं ने कहा कि राहुल को अब पार्टी की कमान संभालनी चाहिए।
– 1998 से पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की गैर-मौजूदगी में हुई इस मीटिंग की पहली बार खुद राहुल ने अध्यक्षता की। इस दौरान राहुल ने कहा, ”मैं जिम्मेदारी लेने को तैयार हूं, किसी के मन में संदेह हो तो प्लीज अभी बताएं…।”
क्यों राहुल का प्रेसिडेंट बनना तय माना जा रहा है?
पहली वजह: CWC की पहली बार अगुवाई की थी
– कांग्रेस वर्किंग कमेटी पार्टी की सबसे ताकतवर बॉडी है। राहुल ने सोनिया की गैर-मौजूदगी में पहली बार 6 नवंबर को इसकी अध्यक्षता की। बीमार होने की वजह से सोनिया मीटिंग में नहीं पहुंचीं। बताया गया कि सोनिया का जाना तय था। घर के बाहर गाड़ी भी खड़ी थी। पर दिल्ली में स्मॉग को देखते हुए उन्होंने आखिरी वक्त में फैसला टाल दिया।
दूसरी वजह: CWC ने नाम की सिफारिश की
– इसी मीटिंग में राहुल का CWC मेंबर्स ने पहली बार प्रेसिडेंट पोस्ट के लिए समर्थन किया था। चार घंटे चली मीटिंग में पूर्व डिफेंस मिनिस्टर एके एंटनी ने राहुल को प्रेसिडेंट बनाने की बात सबसे पहले उठाई। एंटनी ने कहा था, ”ऐसा पहली बार हुआ है जब CWC ने उन्हें (राहुल को) प्रेसिडेंट बनाने की सिफारिश की है। उम्मीद है कि कांग्रेस प्रेसिडेंट इस बात पर उचित तरीके से ध्यान देंगीं।”
– इसके बाद बैठक में मौजूद पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, गुलाम नबी आजाद, मोतीलाल वोरा, अहमद पटेल, दिग्विजय सिंह, अंबिका सोनी, लोकसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे नेताओं ने एक स्वर से राहुल से जिम्मेदारी संभालने का निवेदन कर दिया।
तीसरी वजह: पार्टी ने संगठन के चुनाव टाले
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कांग्रेस ने 31 दिसंबर से पहले होने वाले पार्टी संगठन के चुनाव एक साल के लिए टालने का फैसला किया है। इसके लिए चुनाव आयोग से वक्त भी मांगा गया है। जाहिर है कि पार्टी राहुल के नाम पर खुद सोनिया गांधी की मंजूरी चाहती है।

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