नक्सल मामला: CM के सामने ही भिड़ गए केंद्र के सुरक्षा सलाहकार और DGP

रायपुर.नक्सल मामलों के केंद्रीय सलाहकार के विजय कुमार छत्तीसगढ़ पुलिस पर जमकर बरसे। उन्होंने पुलिस पर नक्सल ऑपरेशंस के दौरान असहयोग करने का आरोप लगाया। मंत्रालय में शुक्रवार को दोपहर 12.15 बजे यूनिफाइड कमांड की बैठक शुरू हुई। दो चरणों में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह भी मौजूद थे। पहला चरण 1 घंटे का था, इसमें सीएम और वरिष्ठ अफसर थे। दूसरे चरण में विकास आदि कार्यों का प्रजेंटेशन किया गया। लेकिन पहले ही चरण में सीएम के सामने विजय कुमार ने डीजीपी एएन उपाध्याय को यहां तक कह दिया कि ऐसा ही रवैया रखना है तो पुलिस खुद ही ऑपरेशंस चला ले। हालांकि, डीजीपी इस दौरान कुमार के आरोपों का खंडन करते रहे। माहौल जब गरमा गया तो सीएम ने डीजीपी को असहयोग की शिकायत दूर करने की सलाह दी। विजय कुमार ने पिछले एक हफ्ते से सुकमा सहित बस्तर के अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा कर जो सुबूत सामने रखे, डीजीपी उसका कोई जवाब नहीं दे सके। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सरकार गंभीर है। प्रभावित राज्यों के बीच समन्वय पर चर्चा हुई।
कनेक्टिविटी : बीच मीटिंग में बुलाए गए बीएसएनएल अफसर
विजय कुमार ने बस्तर क्षेत्र में मोबाइल की कमजोर कनेक्टिविटी को लेकर भी खिंचाई। बीच बैठक में बीएसएनएल के अफसरों को मीटिंग में बुलाकर उनसे मोबाइल टाॅवरों और उनकी कनेक्टिविटी का हिसाब मांगा गया। कुमार ने कहा कि जंगली इलाके की छोड़िए नारायणपुर, सुकमा जैसे शहरी क्षेत्र में भी बीएसएनएल का नेटवर्क नहीं रहता। सीएम ने मोबाइल टाॅवरों का काम भी तेजी से आगे बढ़ाने की समझाइश अफसरों को दी।

सीआरपीएफ का स्पेशल डीजी राजधानी में बिठाने के संकेत
बुर्कापाल हमले के बाद नक्सल अभियान की रणनीति में बड़ा फेरबदल करने के संकेत हैं। उसी रणनीति के तहत सीआरपीएफ का स्पेशल डीजी राजधानी में बिठाने की तैयारी है। अभी स्पेशल डीजी कोलकाता स्थित मुख्यालय से ही मॉनीटरिंग करते हैं। सीआरपीएफ के जवानों पर लगातार हमलों को देखते हुए ही यह फैसला लिए जाने की चर्चा है। शुक्रवार को यनीफाइड कमांड की बैठक में मुख्यमंत्री रमन सिंह ने सुरक्षा सलाहकार के.विजयकुमार के साथ इस विषय पर चर्चा की है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भी इस पर सहमति ले ली है। 8 मई को दिल्ली में होने वाली बैठक में इस फैसले पर मुहर लगने के आसार हैं। अभी सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी कुलदीप सिंह छत्तीसगढ़ में नक्सल मूवमेंट की कमांड संभाल रहे हैं। वे पिछले कई दिनों से यहीं हैं। उन्हीं को यहां पदस्थ किए जाएगा। राज्य में अभी 43 बटालियन तैनात हैं। उसमें 43 हजार जवान हैं।
नक्सल प्रभावित हर जिले में बनेंगे यूनिफाइड कमांड: सीएम
मुख्यमंत्री ने राज्य यूनिफाइड कमांड की तरह नक्सल प्रभावित जिलों में जिला स्तरीय यूनिफाइड ऑपरेशन कमांड के गठन के निर्देश दिए। स्टेट यूनिफाइड कमांड की बैठक में उन्होंने सुकमा व बीजापुर में केन्द्रीय सुरक्षा बलों तथा राज्य सरकार के जिला पुलिस बलों के जवानों के लिए संयुक्त प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इसमें केन्द्रीय तथा जिला पुलिस बल के 50 से 60 जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाए।
सीआरपीएफ को छग पुलिस का साथ नहीं मिलता। पुलिस को तेलंगाना और आंध्र पुलिस के संपर्क में रहने के लिए कहा गया पर कोई संपर्क में नहीं है। नक्सल ऑपरेशन में पुलिस पहले ही भाग जाती है। क्यों न पुलिस अकेले ही ऑपरेशंस चला ले?’’
– के विजय कुमार, सुरक्षा सलाहकार
छत्तीसगढ़ पुलिस हर तरह से सहयोग कर रही है। असहयोग की कोई बात नहीं है, समय पर सारी सूचनाएं देते हैं। हर कदम पर हम सहयोग करते हैं। हमारे जवान भी बाहर निकलते हैं और फोर्स के साथ सभी ऑपरेशन में हिस्सा लेते हैं।’’
– एएन उपाध्याय, डीजीपी, छग पुलिस

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