महिला आयोग परिसर में महिला को उठवाने की धमकी

राज्य महिला आयोग की बेंच के दौरान मंगलार को आयोग परिसर में मंगलवार को तब अफरा-तफरी मच गई, जब अनावेदक के साथ आए एक शख्स ने फरियादी को धमकाना शुरू कर दिया। उसने कहा कि तुझे उठवा कर फिंकवा दूंगा। तेरा पता तक नहीं चलेगी। भीड़ बढ़ने पर वह कार से भाग निकला। मामले की शिकायत श्यामला हिल्स थाने में की गई है।

पंचायत रसूलिया पठार की एक जमीन पर कब्जे को लेकर पंचायत की पंच और ताहिर अली के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस मामले में महिला ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी,कि ताहिर उसपर फब्तियां कसते हुए मानसिक रूप से परेशान करता है। इस मामले की मंगलवार को सुनवाई थी। इसमें दोनों पक्ष उपस्थित हुए थे। महिला अपने बेटी के साथ आई थी। जबकि ताहिर अपने साथ वकील को लेकर आए थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सुनवाई के बाद दोनों पक्ष बाहर निकले,तभी ताहिर के साथ आए वकील ने महिला का धमकाते हुए उठना लेने की धमकी दी। इससे अफरातफरी मच गई। मौके पर मौजूद पुलिस वहां पहुंची,तब तक वह कार से भाग निकला। इस मामले में आयोग ने श्यामलाहिल्स पुलिस थाने को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही एसपी साउथ का भी कार्रवाई के लिए लिखा। इसके अतिरिक्त वन विभाग से भी विवादित जमीन के बारे में रिपोर्ट तलब की है।

इस मामले में श्यामलाहिल्स थाना प्रभारी बीएस राजपूत ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। महिला और ताहिर खान दोनों पक्ष थाने आ गए थे। शिकायत की जांच की जा रही है। जमीन का यह विवाद न्यायालय में भी विचाराधीन है। बैंच के दूसरे दिन मंगलवार को 71 मामले रखे गए थे। इनमें से 50 में सुनवाई हुई। 14 प्रकरणों में समझौता हो गया। बैंच में आयोग की अध्यक्ष लता वानखेड़े के अलावा सदस्य श्रीमती गंगा उइके, श्रीमती अंजू सिंह बघेल, श्रीमती सूर्या चौहान, श्रीमती प्रमिला वाजपेयी और श्रीमती संध्या राय भी उपस्थित थीं।

किसी के बहकावे में न आएं पीड़ित महिलाएं

अध्यक्ष श्रीमती लता वानखेड़े ने सुनवाई में आने वाली महिलाओं से अपील की है कि वे किसी वकील आदि के बहकावे में न आएं। श्रीमती वानखेड़े ने बताया कि एक महिला अपने पति के साथ वापस रहने की इच्छुक थी, लेकिन आयोग के बाहर अनुपमा सिंघई नामक महिला वकील ने उसे भ्रमित करते हुए 15 हजार रुपये ले लिये और 45 हजार रुपये का एग्रीमेंट कर लिया। अनुपमा सिंघई ने महिला को गुमराह करते हुए बताया कि वह महिला आयोग की वकील है। दो दिनी सुनवाई में पारिवारिक विवाद, दहेज प्रताड़ना, अभद्रता, घरेलू हिंसा, धोखाधड़ी, मारपीट, यौन प्रताड़ना आदि के प्रकरणों की सुनवाई की गयी।

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