करोड़ों में खेल रहे मप्र राज्य पुलिस सेवा के अफसर

अमित देशमुख, भोपाल। संपत्ति के मामले में मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा के अफसर आईपीएस अफसरों से कहीं पीछे नहीं हैं। फॉर्म हाउस, दुकानें, बंगले, जमीनें सब कुछ है अफसरों के पास। यह खुलासा रापुसे अधिकारियों के वर्ष 2016 में भरे गए संपत्ति के विवरण की रिपोर्ट से हुआ है, जिसे मप्र पुलिस की वेबसाइट पर हाल ही में अपलोड किया गया है।

रापुसे के 288 अधिकारियों ने संपत्ति का ब्योरा दिया है, जबकि कुल 1040 अफसर हैं। हालांकि जिन्होंने जानकारी दी है, उसमें खानापूर्ति ज्यादा नजर आ रही है। इस ब्योरे के लिए नया फॉर्मेट आने के बाद भी कई ने पुराने फॉर्म ही भर दिए, जबकि उसमें न विस्तृत जानकारी के कॉलम थे और न ही आज के परिपेक्ष्य के हिसाब से वो सही थे।

नाम : अरविंद सिंह ठाकुर

पद : एसडीओपी पाटन

कुल संपत्ति : पांच करोड़ 80 लाख

संपत्ति से आमदनी : साढ़े सात लाख

ब्योरा जो दिया : ग्राम कुरचरा जिला दतिया में 50 बीघा पैतृक जमीन, दतिया और भोपाल में घर। तीनोंे की वर्तमान कीमत पांच करोड़ 80 लाख है। उन्होंने सिर्फ शहर और गांव का नाम बताया पूरा पता नहीं। संपत्ति से कमाई साढ़े सात लाख रुपए बताई।

नाम : देवेश पाठक

पद : डीएसपी लोकायुक्त रीवा

कुल संपत्ति : तीन करोड़ पांच लाख

संपत्ति से आमदनी : 2 लाख 53 हजार

ब्योरा जो दिया : पास तीन संपत्ति हैं, तीनों ही विरासत में मिलना बताया। रीवा पांडेन टोला में 3000 वर्ग फीट का डबल स्टोरी मकान है, जिसकी कीमत डेढ़ करोड़ रुपए बताई लेकिन इससे मिलने वाला किराया सिर्फ 72 हजार रुपए सालाना बताया। डेढ़ करोड़ रुपए की कृषि भूमि है जिससे 1 लाख 81 हजार रुपए की वार्षिक आमदनी होना बताया।

नाम : हरीश मोटवानी

पद : डीएसपी रेडियो भोपाल

कुल संपत्ति : एक करोड़ पांच लाख की

संपत्ति से आमदनी : 17 लाख 40 हजार

ब्योरा जो दिया : हरीष मोटवानी के पास करीब पांच संपत्ति है, लेकिन एक भी उनके नाम पर नहीं है। सारी उनकी पत्नी नेहा मोटवानी ने अपनी सेविंग और लोन लेकर खरीदी। इसमें इंदौर में एक घर, गोडाउन, मेट्रो टॉवर में शॉप, स्कीम ई 8 में एक और शॉप और इंदौर के ही शालीमार टाउनशिप में मकान होना बताया है।

ऐसे दी गोलमोल जानकारी

चार मकान, किराया किसी से नहीं

– कटनी में पदस्थ डीएसपी भरत सोनी ने ब्योरे में बताया कि उनके पास चार घर है। तीन सागर में और एक सीहोर में। हालांकि उनका दावा है कि किसी भी मकान से किराया नहीं मिल रहा।

– इधर एसपी रेडियो भोपाल ने भी भोपाल में तीन मकान जिनकी वर्तमान मूल्य करीब एक करोड़ दस लाख रुपए बताई है से भी किसी प्रकार की कोई आमदनी नहीं होना बताया।

इस जानकारी का क्या औचित्य

– संपत्ति का ब्योरा कई जगह तो ऐसा भी भरा गया है जिसका कोई औचित्य ही नहीं है। मसलन डीएसपी रैंक के एक अधिकारी ने लिखा कि 15 बीघा जमीन है जो मां के नाम पर थी। मां का स्वर्गवास हो गया। बंटवारा होना शेष है।

– लोकायुक्त इंदौर में पदस्थ एक डीएसपी ने भी 70 लाख की संपत्ति होने की जानकारी दी, जो पिता के नाम पर है और जिसका बंटवारा नहीं हुआ। वे लिखते हैं कि मुझे भी हिस्सा मिलेगा।

अफसरों को दान में बहुत कुछ मिला

आज के दौर में भले ही संपत्ति को लेकर भाई से भाई भिड़ जाए, लेकिन मप्र पुलिस के अफसरों के मामले में ऐसा नहीं है। कई अफसरों ने उनकी संपत्ति दान में मिलना भी बताई है। पुलिस मुख्यालय में पदस्थ डीएसपी रिसर्च एंड डेवलपमेंट के प्रतिपाल सिंह महोबिया ने अपने पास 0.24 एकड़ जमीन होना बताया है। इसकी कीमत 25 लाख रुपए है। प्रतिपाल के अनुसार यह जमीन उन्हें उनके भाई (मामा के लड़के) ने दान की है। ऐसे ही एसडीओपी मंदसौर हरिसिंह परमार के अनुसार 2 बीघा जमीन उनके ससुर ने उन्हें दान में दी।

एसपी एटीएस के पास कुछ भी नहीं

ऐसा नहीं है कि रापुसे के सभी अफसर करोड़पति है। कुछ तो ऐसे भी है जिनके पास खुद के नाम की कोई संपत्ति नहीं है। ऐसा उन्होंने ब्योरे में बताया है। इसमें एसपी एंटी टेरिरिज्म स्कॉवड (एटीएस) प्रणय एस नागवंशी, एसपी रेडियो इंदौर जोन राजेश दंडोतिया, सीएसपी मंदसौर संध्या राय, सीएसपी बालाघाट मोनिका तिवारी सहित अन्य पुलिस अफसर शामिल है

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