GangRape: भोपाल में छात्रा के साथ गैंगरेप, 24 घंटे में केस दर्ज करने के बाद पकड़े तीन आरोपी

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोचिंग से घर लौट रही छात्रा के साथ गैंगरेप के तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया,वहीं एक की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। जीआरपी के एएसपी धर्मेंद्र सिंह ने शुक्रवार को बताया कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक आरोपी की पहचान की जा रही है। उन्होंने बताया कि लापरवाही बरतने पर एक सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है।
ज्ञात हो कि भोपाल में गुरुवार को दरिंदों ने इंसानियत को शर्मसार करते हुए एक छात्रा के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले के प्रकाश में आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

पीड़िता का आरोप है कि कोचिंग क्लास से वापस घर लौटते वक्त उसके साथ 4 लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। इस मामले में भोपाल की एसपी जीआरपी, अनीता मालवीय ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 डी, 394, 34 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

ऐसे समझें पूरा मामला…
पुलिस के मुताबिक, लड़की भोपाल के एमपी नगर इलाके में स्थित एक कोचिंग इंस्टीट्यूट से सिविल सर्विसेस (यूपीएससी) की तैयारी कर रही है। 31 अक्टूबर की शाम करीब 7.30 बजे वह कोचिंग से घर लौट रही थी। तभी रेलवे स्टेशन के आउटर पर 4 लड़कों ने उसे घेर लिया। पहले उसके साथ छेड़छाड़ की गई। इसके बाद उसे डरा-धमका कर झाड़ियों में ले गए और गैंगरेप किया।
वहीं घटना के बाद वह किसी तरह भागकर हबीबगंज स्टेशन के पास बने सरकारी क्वार्टर स्थित अपने घर पहुंची। करीब 5 घंटे तक डरी-सहमी रोती रही, फिर फैमिली को वारदात की जानकारी दी। उसके पिता रेलवे पुलिस (आरपीएफ) में सब इंस्पेक्टर हैं।

थानों के चक्कर काटते रहे परिजन:
आरोप है कि जब बेटी से हुई घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए परिजन भोपाल पुलिस के पास पहुंचे, तो उन्हें दूसरे थाने का मामला बताकर चलता कर दिया गया। बुधवार को फैमिली घंटों तक एमपी नगर और हबीबगंज थाने के चक्कर काटती रही। करीब 24 घंटे बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। इसके बाद बताया गया कि मामला जीआरपी थाने का है। फिर जीआरपी ने मेडिकल जांच कराने के बाद केस दर्ज किया। इसमें रेप की बात कन्फर्म हुई है।

वहीं लड़की के बयान के आधार पर जीआरपी ने गुरुवार को 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान गोलू बिहारी, राजेश, रमेश और अमर के तौर पर हुई है। आरोपियों की रिमांड मिलने के बाद पुलिस आगे जांच कर रही है।

एक एसआई को सस्पेंड:
घटना के अगले दिन यानी बुधवार सुबह करीब 11 बजे लड़की अपनी मां और पिता के साथ एमपी नगर थाने पर पहुंची। यहां उनकी मुलाकात एसआई आरएन टेकाम से हुई।
टेकाम उन्हें लेकर मौके पर पहुंचे और मामला हबीबगंज थाने का बताते हुए वहां जाने की सलाह दे दी। जबकि जानकारों का कहना हैं कि यदि वे चाहते तो अपने थाने में शून्य पर मामला दर्ज कर केस डायरी जीआरपी या हबीबगंज पुलिस को भेज सकते थे।
वहीं डीआईजी संतोष कुमार सिंह के मुताबिक, इस तरीके को लापरवाही मानते हुए टेकाम को सस्पेंड कर दिया गया।

इशारा मिलते ही माता-पिता ने पकड़ा आरोपी:
जानकारी के अनुसार एमपी नगर से हबीबगंज थाना जाते वक्त विक्टिम और उसके माता-पिता एक कॉम्प्लेक्स के पास कुछ देर के लिए रुक गए। वे घटनास्थल देखने के लिए जा रहे थे।
तभी पास की झुग्गी में रहने वाले गोलू पर उनकी नजर पड़ गई। स्टूडेंट ने इशारा किया कि ये वहीं है, जिसने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर दरिंदगी की है। फिर माता-पिता ने मिलकर आरोपी को पकड़ लिया। उसे लेकर हबीबगंज थाने पहुंचे।
पूरा वाकया बताने पर पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू कर दी। टीआई रवींद्र यादव के मुताबिक, कुछ देर बाद ही एक टीम उसके दूसरे साथी को पकड़ कर ले लाई। उससे लड़की का मोबाइल फोन और कान के बूंदे भी मिल गए। विक्टिम और उसके माता-पिता को उसे लेकर मौके पर पहुंचे। जीआरपी को वहीं बुलाया।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल कराएंगे: सीएम
घटना की जानकारी होने के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, “घटना निंदनीय है। चारों आरोपियों को पकड़ लिया गया है। इस घटना को चिह्रनत अपराधों की श्रेणी में रखकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल कराया जाएगा। एक पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया गया है। जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

वहीं सूत्रों के अनुसार राज्य के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह के संज्ञान में घटना के तुरंत बाद यह मामला लाया गया था। जिस पर उन्होंने पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जानकारों के अनुसार ऐसे में अब बड़ा सवाल यह है कि गृहमंत्री को घटना का तुरंत पता चल गया था तो पुलिस ने तभी कार्रवाई क्यों नहीं की। केस दर्ज करने में 24 घंटे क्यों लगे?

रेलवे ट्रैक पर जुआ खेल रहे थे आरोपी :
एसपी रेलवे पुलिस, अनीता मालवीय ने बताया कि आरोपी कचरा बीनने का काम करते हैं। गुरुवार को जब पुलिस उनके पास पहुंची तो सभी पटरियों पर जुआ खेल रहे थे और नशे में थे। गैंगरेप के बाद एक आरोपी ने कहा था कि इसे मार दो, वरना सबको बता देगी।
इस पर दूसरे ने कहा कि छोड़ दो, किसी को नहीं बता पाएगी, क्योंकि नाम तो जानती नहीं है। चारों आरोपी हबीबगंज स्टेशन के पास बनी झुग्गियों में रहते हैं। एक आरोपी पर गंभीर अपराधिक मामले दर्ज हैं।
वहीं रेलवे आईजी डीपी गुप्ता का कहना है कि इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने वालों को बक्शा नहीं जाएगा।

कांग्रेस का प्रदर्शन:
वहीं गैंगरेप को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को पुलिस थाने पर धरना प्रदर्शन कर कानून व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए जम कर नारेबाजी की।

नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री को लिखा पत्र :
नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री और केन्द्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर बेटियों के साथ नापाक हरकत करने वालों को फांसी की सजा देने का कानूनी प्रावधान करने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि बेटियों की इज्जत खराब करने वाले दरिंदो को फांसी देने का कानून बनाने का अधिकार केन्द्र को है। उन्होंने कहा कि हाल में मध्यप्रदेश ऐसी घटनाओं का केंद्र बिंदु बन गया है। कानून व्यवस्था नष्ट हो गई है। माताएं बहने बेटीयां सुरक्षित नहीं है। ऐसे ही हालात देश में भी बन रहे हैं। इसे देखते हुए तत्काल कदम उठाना जरूरी हो गया है।

अजय सिंह ने कहा कि शिवराज सिंह को कानून बनने की प्रक्रिया का ज्ञान नहीं है। इस संबंध में अलग से विधेयक लाकर फिर उसे केंद्र और राष्ट्रपति के पास अनुमति के किये भेजने के बजाय सीधे प्रधानमंत्री से बात करना चाहिए। भाजपा की सरकार दोनों जगह है। प्रधानमंत्री जब ऐसा कानून बनाने से मना करें तब राज्य की विधान सभा का सहारा लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार बेटियों की गरिमा बचाने के मामले में गम्भीर नहीं है। इसमें विलंब करने का प्रयास शिवराज कर रहे है। केवल राजनीतिक लाभ के लिए बयान देते है। किसानों के मामले ने भी साहूकारों के कर्ज से किसानों को बचाने का कानून केन्द्र के पास भेजने में दो साल का विलंब किया। आज तक इसका पता नहीं है। इस बीच कई किसानों ने साहूकारों से प्रताड़ित होकर आत्महत्या कर ली।
अब बेटियों की अस्मिता बचने के मामले में भी विलंब कर रहे है। प्रधानमंत्री, केन्द्रीय गृह मंत्री को आगे बढकर बोलना चाहिए कि बेटियों की इज्जत से खेलने वालों को फांसी दी जाएगी।

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