दुकानों की तरह चल रहे आईटीआई होंगे बंद, हर पांच साल में बदलेंगे ट्रेड

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को ग्लोबल स्किल पार्क के शिलान्यास समारोह में अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुकानों की तरह चल रहे आईटीआई को बंद कर दिया जाए। आईटीआई पुराने ढर्रे पर नहीं चलेंगे। प्रशासन अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आईटीआई के नए ट्रेड खोले जाएंगे और हर पांच साल में समय के साथ इसमें बदलाव किया जाएगा।

शिवराज ने कहा कि स्किल पार्क के भवन का निर्माण तीन साल में नहीं, बल्कि एक साल में पूरा करें। उन्होंने कहा कि बाबा आदम का जमाना नहीं है, जब तीन साल में सिर्फ बिल्डिंग बनती थी। अगले साल 15 अगस्त के आसपास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्किल पार्क का उद्धाटन कराया जाएगा। कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास मंत्री दीपक जोशी और पूर्व क्रिकेटर के. श्रीकांत भी मौजूद थे।

मप्र में स्किल गैप की होगी स्टडी

केंद्रीय कौशल विकास मंत्री राजीव प्रताप रूड़ी ने बताया कि मप्र में स्किल गैप की स्टडी होगी, ताकि यह पता चल सके कि कहां किस तरह के कौशल की जरूरत है। इस आधार पर क्षेत्रों के आईटीआई में प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस काम में केंद्र सरकार मप्र सरकार की वित्तीय मदद करेगी। उन्होंने बताया कि कौशल विकासगाइडलाइन का पालन करना होगा। के लिए केंद्र सरकार अगले तीन सालों में मप्र को 123 करोड़ रुपए देगी। कई मामलों में मप्र ने केंद्र से ज्यादा काम किया है। आने वाले समय में जो आईटीआई खुलेंगी, उन्हें केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय की तर्ज पर

मेरी रुचि मप्र में न हो जाए

राजीव प्रताप रूड़ी ने कार्यक्रम में चुटकी लेते हुए कहा कि दो महीने में तीन बार आ चुका हूं। कहीं मेरी रुचि बिहार से हटकर मप्र में न हो जाए। इस पर सीएम ने कहा कि आपका स्वागत है।

यह भी बोले रूड़ी

2023 में स्किल ओलिंपिक की मेजबानी के लिए बोली

ओलिंपिक गेम्स की तरह एक स्किल ओलिंपिक भी होता है। 2023 में इसकी मेजबानी भारत को मिले, हम इसकी कोशिश कर रहे हैं और मेजबानी के लिए बोली लगाएंगे।

अच्छे प्रिंसिपल को पद्मश्री के लिए करेंगे सिफारिश

आईटीआई में अच्छा काम करने वाले प्रिंसिपल की सूची हर साल राज्यों से मांगेंगे और उन्हें पद्मश्री अवॉर्ड देने की सिफारिश करेंगे।

जीएसटी के लिए कॉमर्स ग्रेजुएट्स को 100 घंटे की ट्रेनिंग

जीएसटी को लागू करने के लिए कई कॉमर्स ग्रेजुएट्स की जरूरत है। ऐसे ग्रेजुएट्स को ट्रेनिंग कोर्स कराया जाएगा। इस कोर्स का पायलट प्रोजेक्ट 15 जुलाई को भोपाल और बंेगलुरू से करेंगे।

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